<?xml version="1.0"?>
<feed xmlns="http://www.w3.org/2005/Atom" xml:lang="hi">
	<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A6</id>
	<title>मौलिद - अवतरण इतिहास</title>
	<link rel="self" type="application/atom+xml" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A6"/>
	<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A6&amp;action=history"/>
	<updated>2026-06-07T20:23:24Z</updated>
	<subtitle>विकि पर उपलब्ध इस पृष्ठ का अवतरण इतिहास</subtitle>
	<generator>MediaWiki 1.41.1</generator>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A6&amp;diff=505439&amp;oldid=prev</id>
		<title>रविन्द्र प्रसाद: ''''मौलिद''' इस्लाम में किसी पवित्र व्यक्ति के जन्मदिन...' के साथ नया पन्ना बनाया</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A6&amp;diff=505439&amp;oldid=prev"/>
		<updated>2014-10-05T09:53:53Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;मौलिद&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;a href=&quot;/india/%E0%A4%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AE&quot; class=&quot;mw-redirect&quot; title=&quot;इस्लाम&quot;&gt;इस्लाम&lt;/a&gt; में किसी पवित्र व्यक्ति के जन्मदिन...&amp;#039; के साथ नया पन्ना बनाया&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;'''मौलिद''' [[इस्लाम]] में किसी पवित्र व्यक्ति के जन्मदिन को कहा जाता है। इसे 'मौलूद' या 'मिलाद' भी हैं। विशेषकर [[पैगम्बर मुहम्मद|पैगम्बर मुहम्मद]] का जन्मदिवस।&amp;lt;ref&amp;gt;मौलिद अन-नबी&amp;lt;/ref&amp;gt; [[मुहम्मद साहब|मुहम्मद]] का जन्म दिवस परंपरानुसार अनुमानित रूप से रबी 1 माह का 12वाँ दिन नियत है, यानी मुहम्मद की मृत्यु का दिवस, [[मुसलमान]] धर्मावलंबी जनसमूह द्वारा इसे 13वीं [[शताब्दी]] तक नहीं मनाया जाता था। 11वीं शताब्दी के अंत में [[मिस्र]] में शासक शियाई फ़ातिमी&amp;lt;ref&amp;gt;चौथे ख़लीफ़ा अली व उनकी पत्नी तथा मुहम्मद की पुत्री फ़ातिमा के वंशज&amp;lt;/ref&amp;gt; मुहम्मद, अली, फ़ातिमा व शासक ख़लीफ़ा के चार मौलिदों को मनाते थे। यह त्योहार दरबारियों के साधारण जुलूस होते हैं, जो दिन के समय निकाले जाते थे व जिनका समापन ख़लीफ़ा की मौजूदगी में तीन धर्मोपदेशों&amp;lt;ref&amp;gt;ख़ुत्बा&amp;lt;/ref&amp;gt; के पाठ के साथ ही समाप्त होता था।&amp;lt;ref name=&amp;quot;aa&amp;quot;&amp;gt;{{पुस्तक संदर्भ |पुस्तक का नाम=भारत ज्ञानकोश, खण्ड-4|लेखक=इंदु रामचंदानी|अनुवादक= |आलोचक= |प्रकाशक=एंसाइक्लोपीडिया ब्रिटैनिका प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली और पॉप्युलर प्रकाशन, मुम्बई|संकलन= भारतकोश पुस्तकालय|संपादन= |पृष्ठ संख्या=448|url=}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{tocright}}&lt;br /&gt;
==प्रथम मौलिद त्योहार==&lt;br /&gt;
[[सुन्नी]], जो [[इस्लाम]] की मुख्य शाखा है, 1207 में हुए एक मौलिद समारोह को प्रथम मौलिद त्योहार मानते हैं। उस अवसर का आयोजन मुज़फ़्फ़र अद-दीन  गोकबुरी ने 'मोसल'&amp;lt;ref&amp;gt;इराक़&amp;lt;/ref&amp;gt; के निकट इरबिल में किया था, जिनका मिस्र के सुल्तान सलादीन के साथ जीजा-साले का संबंध था। यह लगभग आधुनिक मौलिद के समान था। मुहम्मद के वास्तविक जन्म दिवस से पूर्व पूरे एक [[माह]] तक उत्सव हुए। जादूगर, बाज़ीगर और चुनिंदा मनोरंजनकर्ताओं ने [[बग़दाद]] व 'निसिबिन'&amp;lt;ref&amp;gt;आधुनिक नुसैबिन, तुर्की&amp;lt;/ref&amp;gt; जितने दूर के इलाक़ों के लोगों को आकृष्ट किया व मुस्लिम विद्वानों, विधिशास्त्रियों, अध्यात्मवादियों और शायरों ने दो माह पूर्व से ही वहां पहुंचना शुरू कर दिया था। औपचारिक मौलिद से दो दिन पूर्व बड़ी संख्या में ऊंटों, भेड़ों व बैलों की बलि दी गई और मौलिद की संध्या पर नगर में एक मशाल जुलूस निकला। मौलिद की सुबह एक विशेष रूप से बनाए गए भक्तगण व सेना मंच के समक्ष धर्माख्यान सुनने के लिए उपस्थित हुए। उसके बाद धर्मगुरुओं को विशेष कपड़े भेंटकर उनका सम्मान किया गया व सभी उपस्थितजनों को राजकुमार की ओर से भोज हेतु आमंत्रित किया गया।&lt;br /&gt;
==प्रसार==&lt;br /&gt;
मौलिद त्योहार मुस्लिम विश्व में तेज़ी से फैला, जो कुछ हद तक [[सूफ़ी मत|सूफ़ीवाद]]&amp;lt;ref&amp;gt;इस्लाम के रहस्यवाद&amp;lt;/ref&amp;gt; के प्रति समकालीन उत्साह का परिणाम था, जिसने [[इस्लाम]] को एक व्यक्तिगत अनुभव बना दिया। [[अरब]] में भी, जहाँ पैगम्बर का जन्म स्थन व मक़बरा केवल धार्मिक तीर्थयात्रा का स्थान थे, मौलिद उत्सवों ने अपनी जड़ें मज़बूत कर लीं। कई [[मुसलमान]] ब्रह्मविज्ञानी नए आनंदोत्सवों को स्वीकार नहीं कर पाए व उन्होंने उन्हें 'बिदा' कहा। ऐसा नवाचार, जो संभवत: पाप की ओर ले जाता है। मौलिद वास्तव में [[ईसाई धर्म|ईसाई]] प्रभाव दर्शाते थे; मुस्लिम क्षेत्रों के ईसाई इसी ढंग से 'क्रिसमस' मनाते थे व मुस्लिम अक्सर इन उत्सवों में भाग लेते थे। आधुनिक मूल तत्त्वदासी मुसलमान, जैसे वहाबी अब भी मौलीद आनंदोत्सवों को मूर्तिपूजा के समान ही मानते हैं।&amp;lt;ref name=&amp;quot;aa&amp;quot;/&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*अब तो अन्य संतों व सूफ़ी भ्रातृसंघों के संस्थापकों तक के मौलिद मनाए जा रहे हैं। मौलिद कविताएं, जो [[मुहम्मद साहब|मुहम्मद]] के जीवन और सद्गुणों का वर्णन करती हैं, जलसों के समय के अलावा भी बहुत लोकप्रिय हैं। मौलिद मृत रिश्तेदारों की याद में भी गाए जाते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक= प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{इस्लाम धर्म}}&lt;br /&gt;
[[Category:इस्लाम धर्म]][[Category:इस्लाम धर्म कोश]][[Category:संस्कृति कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>रविन्द्र प्रसाद</name></author>
	</entry>
</feed>