"चोल": अवतरणों में अंतर
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|हिन्दी=दक्षिण भारत का एक प्राचीन राज्य, प्रदेश, या उसका निवासी, वृक्ष की छाल, वल्कल, कवच, एक प्रकार की लता जिसकी जड़ और डंठलों को उबालकर [[लाल रंग]] निकालते हैं। | |हिन्दी=दक्षिण भारत का एक प्राचीन राज्य, प्रदेश, या उसका निवासी, वृक्ष की छाल, वल्कल, कवच, एक प्रकार की लता जिसकी जड़ और डंठलों को उबालकर [[लाल रंग]] निकालते हैं। | ||
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05:16, 12 फ़रवरी 2011 का अवतरण
| हिन्दी | दक्षिण भारत का एक प्राचीन राज्य, प्रदेश, या उसका निवासी, वृक्ष की छाल, वल्कल, कवच, एक प्रकार की लता जिसकी जड़ और डंठलों को उबालकर लाल रंग निकालते हैं। |
| -व्याकरण | पुल्लिंग, विशेषण |
| -उदाहरण | फीको परै न बरू फटै रँग्यो चोल-रंग चीरू [1] |
| -विशेष | |
| -विलोम | |
| -पर्यायवाची | अघिया, झोला, कोटी, अंगिका, अँगिया। |
| संस्कृत | चुल् (ऊँचाई + घञ्) |
| अन्य ग्रंथ | |
| संबंधित शब्द | |
| संबंधित लेख |
अन्य शब्दों के अर्थ के लिए देखें शब्द संदर्भ कोश
टीका टिप्पणी और संदर्भ
- ↑ बिहारी (668)