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12:46, 1 जून 2010 का अवतरण
Priya2
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| अन्य नाम | द्वारिकाधीश, केशव, गोपाल, नंदलाल, बाँके बिहारी, कन्हैया, गिरधारी, मुरारी आदि |
| अवतार | सोलह कला युक्त पूर्णावतार (विष्णु) |
| वंश-गोत्र | वृष्णि वंश (चंद्रवंश) |
| कुल | यदुकुल |
| पिता | वसुदेव |
| माता | देवकी |
| पालक पिता | नंदबाबा |
| पालक माता | यशोदा |
| जन्म विवरण | भादों कृष्णा अष्टमी |
| समय-काल | महाभारत काल |
| परिजन | रोहिणी संतान बलराम (भाई), सुभद्रा (बहन), गद (भाई) |
| गुरु | संदीपन, अंगिरस |
| विवाह | रुक्मिणी, सत्यभामा, जाम्वंती, मित्रविंदा, भद्रा, सत्या, लक्ष्मणा, कालिंदी |
| संतान | प्रद्युम्न |
| विद्या पारंगत | सोलह कला, चक्र चलाना |
| रचनाएँ | गीता |
| शासन-राज्य | द्वारिका |
| संदर्भ ग्रंथ | महाभारत, भागवत, छांद्योग्य उपनिषद |
| मृत्यु | पैर में तीर लगने से |
| यशकीर्ति | द्रौपदी के चीरहरण में रक्षा करना। कंस का वध करके उग्रसेन को राजा बनाना। |
