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|हिन्दी=वह जो एक स्थान पर टिक कर न रहता हो। सदा इधर-उधर भ्रमण करता रहने वाला। ख़ानाबदोश। घुमक्कड़। | |हिन्दी=वह जो एक स्थान पर टिक कर न रहता हो। सदा इधर-उधर भ्रमण करता रहने वाला। ख़ानाबदोश। घुमक्कड़। | ||
07:52, 3 जनवरी 2016 का अवतरण
| एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- यायावर (बहुविकल्पी) |
| हिन्दी | वह जो एक स्थान पर टिक कर न रहता हो। सदा इधर-उधर भ्रमण करता रहने वाला। ख़ानाबदोश। घुमक्कड़। |
| -व्याकरण | विशेषण |
| -उदाहरण | 'हिन्दी यात्रा साहित्य' के जनक राहुल सांकृत्यायन सन 1990 ई. से 1914 ई. तक वैराग्य से प्रभावित रहे और हिमालय पर यायावर जीवन जिया। |
| -विशेष | सन्यासी या साधु-सन्त (पुल्लिंग)। |
| -विलोम | |
| -पर्यायवाची | |
| संस्कृत | [धातु या + यङ्, द्वित्व, + वरच्] |
| अन्य ग्रंथ | |
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