अनुयोग
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| हिन्दी | प्रश्न, जिज्ञासा, पूछताछ, भर्त्सना, डाँट- फटकार, संदेह दूर करने या सत्यता के संबंध में शंका होने पर किया जाने वाला प्रश्न, जैनागम के चार भागों में से प्रत्येक, वेतन लेकर विद्यार्थियों को पढ़ाने का काम। |
| -व्याकरण | पुल्लिंग |
| -उदाहरण | |
| -विशेष | जैनागम के उक्त चार अनुयोगों के नाम हैं- प्रथमानुयोग, करणानुयोग, चरणानुयोग, और द्रव्यानुयोग। इनमें क्रमश: * कथाएँ और पुराण, * कर्म-सिद्धांत और लोकविभाग, * जीव का आचार-विचार, * चेतन-अचेतन द्रव्यों के स्वरूप और तत्वों का वर्णन किया गया है। |
| -विलोम | |
| -पर्यायवाची | अनुयोक्ता, अध्ययन, अनुसंधान, खोजबीन, जायज़ा, विवेचन, वीक्षा, संवेक्षा, समीक्षा। |
| संस्कृत | अनु+योग |
| अन्य ग्रंथ | |
| संबंधित शब्द | अनुयोज्य |
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