शलाका सम्मान  

शलाका सम्मान हिंदी अकादमी की ओर से दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। हिन्दी जगत में सशक्त हस्ताक्षर के रूप में विख्यात तथा हिन्दी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में समर्पित भाव से काम करने वाले मनीषी विद्वानों, हिन्दी के विकास तथा संवर्धन में सतत संलग्न क़लम के धनी, मानव मन के चितरों तथा मूर्धन्य साहित्यकारों के प्रति अपने आदर और सम्मान की भावना को व्यक्त करने के लिए हिन्दी अकादमी प्रतिवर्ष एक श्रेष्ठतम साहित्यकार को शलाका सम्मान से सम्मानित करती है। वर्ष 2007 तक सम्मान स्वरूप, 1,11,111/-रुपये की धनराशि, प्रशस्ति-पत्र एवं प्रतीक चिह्‌न आदि प्रदान किये जाते थे परन्तु अकादमी सम्मान व पुरस्कारों की नयी व्यवस्था के अंतरगत वर्ष 2007 सम्मान स्वरूप 2,00,000/- (दो लाख) रुपये की धनराशि, प्रशस्ति-पत्र एवं प्रतीक चिह्‌न आदि प्रदान किये जाते हैं। [1]

अब तक निम्नलिखित साहित्यकारों को शलाका सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है-
"शलाका सम्मान" से सम्मानित साहित्यकार
क्रमांक वर्ष साहित्यकार
1. 1986-87 डॉ. राम विलास शर्मा
2. 1987-1988 विष्णु प्रभाकर
3. 1988-1989 गिरिजाकुमार माथुर
4. 1989-1990 त्रिलोचन शास्त्री
5. 1990-1991 प्रो. नामवर सिंह
6. 1994-1995 प्रो. विजयेन्द्र स्नातक
7. 1995-1996 डॉ. नरेन्द्र कोहली
8. 1996-1997 कृष्ण चन्द्र शर्मा 'भिक्खु'
9. 1997-1998 निर्मल वर्मा
10. 1998-1999 गोपाल प्रसाद व्यास
11. 1999-2000 भीष्म साहनी
12. 2000-2001 कृष्णा सोबती
13. 2001-2002 रामदरश मिश्र
14. 2002-2003 कमलेश्वर
15. 2003-2004 राजेन्द्र यादव
16. 2004-2005 नेमिचंद जैन
17. 2005-2006 कुंवर नारायण
18. 2006-2007 मन्नू भंडारी
19. 2007-2008 प्रभाष जोशी
20. 2008-2009
21. 2009-2010 केदारनाथ सिंह ने सम्मान ठुकराया
22. 2010-2011 अरविन्द कुमार


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हिन्दी अकादमी सम्मान : नया स्वरूप (हिन्दी) हिन्दी अकादमी, दिल्ली। अभिगमन तिथि: 8 सितम्बर, 2012।

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