भारतकोश ज्ञान का हिन्दी महासागर

भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
यहां जाएं: भ्रमण, खोज
गणराज्य कला पर्यटन दर्शन इतिहास धर्म साहित्य सम्पादकीय सभी विषय ▼
आज का दिन - 22 दिसम्बर 2014 (भारतीय समयानुसार)
Calendar icon.jpg भारतकोश कॅलण्डर Calendar icon.jpg
Calender-Icon.jpg

यदि दिनांक सूचना सही नहीं दिख रही हो तो कॅश मेमोरी समाप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें

भारतकोश सम्पादकीय -आदित्य चौधरी
‘ब्रज’ एक अद्‌भुत संस्कृति
Braj-Kolaz.jpg

        ब्रज का ज़िक्र आते ही जो सबसे पहली आवाज़ हमारी स्मृति में आती है, वह है घाटों से टकराती हुई यमुना की लहरों की आवाज़… कृष्ण के साथ-साथ खेलकर यमुना ने बुद्ध और महावीर के प्रवचनों को साक्षात उन्हीं के मुख से अपनी लहरों को थाम कर सुना… फ़ाह्यान की चीनी भाषा में कहे गये मो-तो-लो (मोरों का नृत्य स्थल ‘मथुरा’) को भी समझ लिया और प्लिनी के ‘जोमनेस’ उच्चारण को भी… यमुना की ये लहरें रसख़ान और रहीम के दोहों पर झूमी हैं… सूर और मीरा के पदों पर नाची हैं… पूरा पढ़ें

पिछले सभी लेख टोंटा गॅन्ग का सी.ई.ओ. · जनतंत्र की जाति · असंसदीय संसद
एक आलेख
Tea.jpg

          चाय एक महत्त्वपूर्ण पेय पदार्थ है और संसार के अधिकांश लोग इसे पसन्द करते हैं। कहते हैं कि एक दिन चीन के सम्राट 'शैन नुंग' के सामने रखे गर्म पानी के प्याले में, कुछ सूखी पत्तियाँ आकर गिरीं, जिनसे पानी में रंग आया और जब उन्होंने उसकी चुस्की ली तो उन्हें उसका स्वाद बहुत पसंद आया। बस यहीं से शुरू होता है चाय का सफ़र। ये बात ईसा से 2737 साल पहले की है। सन् 350 में चाय पीने की परंपरा का पहला उल्लेख मिलता है। सन् 1610 में डच व्यापारी चीन से चाय यूरोप ले गए और धीरे-धीरे ये समूची दुनिया का प्रिय पेय बन गया। ... और पढ़ें


पिछले आलेख बुद्ध · नवरात्र · श्राद्ध · योजना आयोग · कृष्ण जन्माष्टमी
एक पर्यटन स्थल
नैनी झील, नैनीताल

        नैनीताल उत्तराखण्ड का प्रसिद्ध पर्यटन स्‍थल है। नैनीताल में सबसे प्रमुख झील नैनी झील है जिसके नाम पर इस जगह का नाम नैनीताल पड़ा। इसे भारत का 'लेक डिस्ट्रिक्ट' कहा जाता है। पौराणिक इतिहासकारों के अनुसार मानसखंड के अध्याय 40 से 51 तक नैनीताल क्षेत्र के पुण्य स्थलों, नदी, नालों और पर्वत श्रृंखलाओं का 219 श्लोकों में वर्णन मिलता है। मानसखंड में नैनीताल और कोटाबाग़ के बीच के पर्वत को शेषगिरि पर्वत कहा गया है, जिसके एक छोर पर सीतावनी स्थित है। कहा जाता है कि सीतावनी में भगवान रामसीता जी ने कुछ समय बिताया है। जनश्रुति है कि सीता सीतावनी में ही अपने पुत्रों लवकुश के साथ राम द्वारा वनवास दिये जाने के दिनों में रही थीं। ... और पढ़ें


पिछले पर्यटन स्थल महेश्वर · वृन्दावन · लखनऊ · जयपुर
एक व्यक्तित्व
Mohan-Rakesh.jpg

        मोहन राकेश 'नई कहानी आन्दोलन' के साहित्यकार थे। हिन्दी नाटक के क्षितिज पर मोहन राकेश का उदय उस समय हुआ, जब स्वाधीनता के बाद पचास के दशक में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का ज्वार देश में जीवन के हर क्षेत्र को स्पन्दित कर रहा था। उनके नाटकों ने न सिर्फ़ नाटक का आस्वाद, तेवर और स्तर ही बदल दिया, बल्कि हिन्दी रंगमंच की दिशा को भी प्रभावित किया। आधुनिक हिन्दी साहित्य काल में मोहन राकेश ने अपने लेखन से दूर होते हिन्दी साहित्य को रंगमंच के क़रीब ला दिया और स्वयं को भारतेन्दु हरिश्चंद्र और जयशंकर प्रसाद के समकक्ष खड़ा कर दिया। ... और पढ़ें


पिछले लेख जयशंकर प्रसाद · रामधारी सिंह 'दिनकर' · सूरदास · सरदार पटेल
एक वृक्ष
Peepal22.jpg

        पीपल भारत, नेपाल, श्रीलंका और चीन में पाया जाने वाला बरगद की जाति का एक विशालकाय वृक्ष है। भारतीय संस्कृति में पीपल की अनेक पर्वों पर पूजा की जाती है। पीपल के वृक्ष का विस्तार, फैलाव तथा ऊंचाई व्यापक और विशाल होती है। भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा है कि- "अश्वत्थ: सर्ववृक्षाणाम्" (अर्थात् समस्त वृक्षों में मैं पीपल का वृक्ष हूँ) कहकर पीपल को अपना स्वरूप बताया है। अथर्ववेद में पीपल के पेड़ को देवताओं का निवास बताया गया है– "अश्वत्थो देव सदन:" पीपल का वृ़क्ष आधुनिक भारत में भी देवरूप में पूजा जाता है ... और पढ़ें

सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी
Iq-1.gif
चयनित चित्र
लाल क़िला, दिल्ली

भारतकोश हलचल

Ramanujan.jpg

M.G.Ramachandran.jpg

Madam-Noor-Jehan.jpg

Guru Gobind Singh.jpg

Jainendra kumar.jpg

Taraknath-das.jpg

क्रिसमस (25 दिसंबर) · राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस (24 दिसंबर) · किसान दिवस (23 दिसंबर) · राष्ट्रीय गणित दिवस (22 दिसंबर) · अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस (20 दिसंबर) · अंतरराष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार दिवस (18 दिसंबर) · चेहल्लुम (13 दिसंबर) · विश्व मानवाधिकार दिवस (10 दिसंबर) · अंगारकी चतुर्थी (9 दिसंबर) · सशस्त्र सेना झंडा दिवस (7 दिसंबर) · दत्तात्रेय जयन्ती (6 दिसंबर) · अन्नपूर्णा जयन्ती (6 दिसंबर)


जन्म दिवस
बनारसीदास चतुर्वेदी (24 दिसंबर) · मुहम्मद रफ़ी (24 दिसंबर) · बाबा आम्टे (24 दिसंबर) · भोगराजू पट्टाभि सीतारामैया (24 दिसंबर) · चौधरी चरण सिंह (23 दिसंबर) · रामवृक्ष बेनीपुरी (23 दिसंबर) · श्रीनिवास रामानुजन (22 दिसंबर) · गुरु गोबिन्द सिंह (22 दिसंबर)
पुण्य तिथि
जैनेन्द्र कुमार (24 दिसंबर) · एम. जी. रामचन्द्रन (24 दिसंबर) · स्वामी श्रद्धानन्द (23 दिसंबर) · पी. वी. नरसिंह राव (23 दिसंबर) · नूरजहाँ (23 दिसंबर) · तारकनाथ दास (22 दिसंबर)

भारतकोश संस्थापक श्री आदित्य चौधरी
Aditya-Chaudhary.jpg

श्री आदित्य चौधरी के सभी सम्पादकीय एवं कविताएँ पढ़ने के लिए क्लिक कीजिए

महत्त्वपूर्ण आकर्षण
समाचार
कुछ लेख

जैन धर्म   •   न्याय दर्शन   •   हाइड्रोजन   •   ‎ब्रज   •   ‎कोलकाता   •   अबुलकलाम आज़ाद   •   सोमनाथ चटर्जी   •   ‎मौर्य काल   •   पंचांग   •   गाँधी युग

भारतकोश ज्ञान का हिन्दी-महासागर
  • देखे गये पृष्ठ- 126,819,471
  • कुल पृष्ठ- 136,283
  • कुल लेख- 28,824
  • कुल चित्र- 12,269
  • 'भारत डिस्कवरी' विभिन्न भाषाओं में निष्पक्ष एवं संपूर्ण ज्ञानकोश उपलब्ध कराने का अलाभकारी शैक्षिक मिशन है।
  • कृपया यह भी ध्यान दें कि यह सरकारी वेबसाइट नहीं है और हमें कहीं से कोई आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं है।
  • सदस्यों को सम्पादन सुविधा उपलब्ध है।
भारतखोज एवं ब्रज डिस्कवरी

ब्रज यात्रा

ब्रज डिस्कवरी पर जाएँ
ब्रज डिस्कवरी पर हम आपको एक ऐसी यात्रा का भागीदार बनाना चाहते हैं जिसका रिश्ता ब्रज के इतिहास, संस्कृति, समाज, पुरातत्व, कला, धर्म-संप्रदाय, पर्यटन स्थल, प्रतिभाओं, आदि से है।

स्वतंत्र लेखन-मुक्त विचार...

भारतखोज पर जाएँ
भारतखोज पर आप निबंध, लेख, समाचार, अपने विचार, यात्रा संस्मरण, संस्मरण, स्मृति लेख, कहानी, कविता, गीत, ग़ज़ल, उपन्यास, नाटक, अनुवाद आदि जोड़ सकते हैं।



-

फ़ेसबुक पर भारतकोश (नई शुरुआत)
प्रमुख विषय सूची
फ़ेसबुक पर शेयर करें


गणराज्य कला पर्यटन जीवनी दर्शन संस्कृति प्रांगण ब्लॉग सुझाव दें
इतिहास भाषा साहित्य विज्ञान कोश धर्म भूगोल सम्पादकीय


Book-icon.png संदर्भ ग्रंथ सूची
ऊपर जायें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

अं
क्ष त्र ज्ञ श्र अः



निजी टूल
नामस्थान
संस्करण
क्रियाएं
सुस्वागतम्
संक्षिप्त सूचियाँ
सहायता
सहायक उपकरण