भारतकोश ज्ञान का हिन्दी महासागर

हलचल    सम्पादकीय    आलेख    पर्यटन    व्यक्तित्व    रचना    सामान्य ज्ञान    आकर्षण    समाचार    कुछ लेख    चयनित चित्र
आज का दिन - 30 अगस्त 2015 (भारतीय समयानुसार)
Calendar icon.jpg भारतकोश कॅलण्डर Calendar icon.jpg
Calender-Icon.jpg

यदि दिनांक सूचना सही नहीं दिख रही हो तो कॅश मेमोरी समाप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें

भारतकोश हलचल

भारतकोश हलचल

साक्षरता दिवस (8 सितम्बर) · शिक्षक दिवस (5 सितम्बर) · रक्षाबन्धन (29 अगस्त) · राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त) · महिला समानता दिवस (26 अगस्त) · विश्व फ़ोटोग्राफ़ी दिवस (19 अगस्त) · नागपंचमी (19 अगस्त) · हरियाली तीज (17 अगस्त) · स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) · अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस (12 अगस्त) · भारतीय क्रांति दिवस (9 अगस्त)


जन्म
किशन महाराज (3 सितम्बर) · प्यारेलाल (3 सितम्बर) · उत्तम कुमार (3 सितम्बर) · साधना (2 सितम्बर) · कामिल बुल्के (1 सितम्बर) · दुष्यंत कुमार (1 सितम्बर) · हबीब तनवीर (1 सितम्बर) · राही मासूम रज़ा (1 सितम्बर) · अमृता प्रीतम (31 अगस्त) · ऋतुपर्णो घोष (31 अगस्त) · शिवाजी सावंत (31 अगस्त) · शैलेन्द्र (30 अगस्त) · भगवतीचरण वर्मा (30 अगस्त) · सरदार हुकम सिंह (30 अगस्त) · कनाईलाल दत्त (30 अगस्त)
मृत्यु
विष्णु सखाराम खांडेकर (2 सितम्बर) · अमरनाथ झा (1 सितम्बर) · गुरु अमरदास (1 सितम्बर) · बिपिन चन्द्र (30 अगस्त)

Sardar-hukam-singh.jpg
Shailendra.jpg
Rituparno-Ghosh.jpg
Bhagwati-Charan-Verma.jpg
Shivaji-Sawant.jpg
Kanailal-Dutta.jpg
Guru-Amar-Das.jpg
Bipin-Chandra.jpg

भारतकोश सम्पादकीय

भारतकोश सम्पादकीय -आदित्य चौधरी
भूली-बिसरी कड़ियों का भारत
Aryabhata.jpg

        आइए अशोक के काल याने तीसरी चौथी शताब्दी ईसा पूर्व चलते हैं, देखें क्या चल रहा है! महर्षि पाणिनि विश्व प्रसिद्ध संस्कृत व्याकरण के ग्रंथ अष्टाध्यायी को पूरा करने में निमग्न हैं। ये उस तरफ़ कौन बैठा है ? ये तो महर्षि पिंगल हैं पाणिनि के छोटे भाई, इनकी गणित में रुचि है, संख्याओं से खेलते रहते हैं और शून्य की खोज करके ग्रंथों की रचना कर रहे हैं। साथ ही कंप्यूटर में प्रयुक्त होने वाले बाइनरी सिस्टम को भी खोज कर अपने भुर्जपत्रों में सहेज रहे हैं।… पूरा पढ़ें

पिछले सभी लेख अभिभावक · भारत की जाति-वर्ण व्यवस्था

आदित्य चौधरी के सभी सम्पादकीय एवं कविताएँ पढ़ने के लिए क्लिक कीजिए

एक आलेख

एक आलेख
महात्मा गाँधी

        'गाँधी युग' महात्मा गाँधी के अपने सत्य, अहिंसा एवं सत्याग्रह के साधनों से भारतीय राजनीतिक मंच पर 1919 ई. से 1948 ई. तक के कार्यकाल को माना जाता है। जे. एच. होम्स ने गाँधी जी के बारे में कहा कि- "गाँधी जी की गणना विगत युगों के महान व्यक्तियों में की जा सकती है। वे अल्फ़्रेड, वाशिंगटन तथा लैफ़्टे की तरह एक महान राष्ट्र निर्माता थे। उन्होंने बिलबर फ़ोर्स, गैरिसन और लिंकन की भांति भारत को दासता से मुक्त कराने का महत्त्वपूर्ण कार्य किया। वे सेंट फ़्राँसिस एवं टॉलस्टाय की अहिंसा के उपदेशक और बुद्ध, ईसा तथा जरथ्रुस्त की तरह आध्यात्मिक नेता थे।" गाँधी जी भारत के उन कुछ चमकते हुए सितारों में से एक थे, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता एवं राष्ट्रीय एकता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। ... और पढ़ें


पिछले आलेख चैतन्य महाप्रभु · भारतीय संस्कृति · स्वस्तिक · चाय · बुद्ध

एक पर्यटन स्थल

एक पर्यटन स्थल
Red-Fort.jpg

        लाल क़िला दुनिया के सर्वाधिक प्रभावशाली भव्‍य क़िलों में से एक है। इसकी दीवारें ढाई किलोमीटर लंबी और 60 फुट ऊँची हैं। दिल्ली में स्थित यह ऐतिहासिक क़िला मुग़लकालीन वास्तुकला की नायाब धरोहर है। भारत का इतिहास भी इस क़िले के साथ काफ़ी नज़दीकी से जुड़ा हुआ है। भारत की शान के प्रतीक लाल क़िले का निर्माण मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने सत्रहवीं शती में कराया था। लाल क़िले की प्राचीर से ही भारत के प्रथम प्रधानमंत्री, पंडित जवाहरलाल नेहरू ने घोषणा की थी कि अब भारत उपनिवेशी राज से स्‍वतंत्र है। ... और पढ़ें


पिछले पर्यटन स्थल रणथम्भौर क़िला · गुजरात · ऊटी · नैनीताल

एक व्यक्तित्व

एक व्यक्तित्व
Ustad-Bismillah-khan.jpg

        उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ 'भारत रत्न' से सम्मानित प्रख्यात शहनाई वादक थे। सन 1969 में 'एशियाई संगीत सम्मेलन' के 'रोस्टम पुरस्कार' से सम्मानित बिस्मिल्लाह खाँ ने शहनाई को भारत के बाहर एक विशिष्ट पहचान दिलवाने में मुख्य योगदान दिया। 1947 में आज़ादी की पूर्व संध्या पर जब लाल क़िले पर देश का झंडा तिरंगा फहरा रहा था, तब बिस्मिल्लाह ख़ाँ की शहनाई भी वहाँ आज़ादी का संदेश बाँट रही थी। बिस्मिल्ला ख़ाँ ने 'बजरी', 'चैती' और 'झूला' जैसी लोकधुनों में बाजे को अपनी तपस्या और रियाज़ से ख़ूब सँवारा और क्लासिकल मौसिक़ी में शहनाई को सम्मानजनक स्थान दिलाया। ... और पढ़ें


पिछले लेख लाला लाजपत राय · कवि प्रदीप · मुक्तिबोध · मोहन राकेश

एक रचना

एक रचना
Vande-Mataram.jpg

        वंदे मातरम् भारत का राष्ट्रीय गीत है जिसकी रचना बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा की गई थी। इन्होंने 7 नवम्बर, 1876 ई. में बंगाल के कांतल पाडा नामक गाँव में इस गीत की रचना की थी। वंदे मातरम् गीत के प्रथम दो पद संस्कृत में तथा शेष पद बांग्ला भाषा में थे। राष्ट्रकवि रवींद्रनाथ टैगोर ने इस गीत को स्वरबद्ध किया और पहली बार 1896 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में यह गीत गाया गया। अरबिंदो घोष ने इस गीत का अंग्रेज़ी में और आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने इसका उर्दू में अनुवाद किया। 'वंदे मातरम्' का स्‍थान राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के बराबर है। यह गीत स्‍वतंत्रता की लड़ाई में लोगों के लिए प्ररेणा का स्रोत था। ... और पढ़ें

सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी
Quiz-icon-2.png

महत्त्वपूर्ण आकर्षण

महत्त्वपूर्ण आकर्षण

समाचार

समाचार
Abdul-Kalam.jpg
Satyajit-Ray.jpg
Saina-Nehwal-2.jpg
R.K.Laxman.jpg
Rajni-Kothari.jpg


कुछ लेख

कुछ लेख

असम   •   अरबिंदो घोष   •   अजंता की गुफ़ाएं   •   बेगम हज़रत महल   •   मीरां   •   कालिदास   •   चण्‍डीगढ़   •   सुमित्रानंदन पंत   •   गुरु नानक   •   अलंकार

भारतकोश ज्ञान का हिन्दी-महासागर
  • देखे गये पृष्ठ- 16,29,47,025
  • कुल पृष्ठ- 1,43,419
  • कुल लेख- 32,348
  • कुल चित्र- 12,929
  • 'भारत डिस्कवरी' विभिन्न भाषाओं में निष्पक्ष एवं संपूर्ण ज्ञानकोश उपलब्ध कराने का अलाभकारी शैक्षिक मिशन है।
  • कृपया यह भी ध्यान दें कि यह सरकारी वेबसाइट नहीं है और हमें कहीं से कोई आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं है।
  • सदस्यों को सम्पादन सुविधा उपलब्ध है।
ब्रज डिस्कवरी
ब्रज डिस्कवरी पर जाएँ
ब्रज डिस्कवरी पर हम आपको एक ऐसी यात्रा का भागीदार बनाना चाहते हैं जिसका रिश्ता ब्रज के इतिहास, संस्कृति, समाज, पुरातत्व, कला, धर्म-संप्रदाय, पर्यटन स्थल, प्रतिभाओं, आदि से है।

चयनित चित्र

चयनित चित्र
भारतीय गौरैया

भारतीय गौरैया



-

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

अं
क्ष त्र ज्ञ श्र अः