मछलीपटनम  

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मछलीपटनम को मसुलीपट्टनम, मसुलीपटम, मसौलीपट्टनम या बांडार भी कहा जाता है। मछलीपटनम दक्षिण-पूर्व भारत के पूर्वी आंध्र प्रदेश राज्य में स्थित बंगाल की खाड़ी पर अंग्रेज़ों की पहली तटीय व्यापारिक बस्ती (1611) थी।

इतिहास

1686 से 1759 तक इस नगर पर फ़्रांसीसियों और डचों का अधिकार रहा, जिसके बाद अंततः इस पर अंग्रेज़ों का प्रभुत्व हो गया। जिन्होंने 1759 में फ़्रांसीसियों से शहर और क़िला जीत लिया। क़िले के भग्नावशेष अब भी लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं। इस शहर को वर्तमान नाम 1949 में मिला।

यातायात और परिवहन

मछलीपटनम में रेलवे टर्मिनल और बंदरगाह है। बांडर नगर के ज़रिये यह पश्चिमोत्तर में विजयवाड़ा से जुड़ा है।

उद्योग और व्यापार

मछलीपटनम के मुख्य उद्योगों में क़ालीन निर्माण, चावलतिलहन पेराई और वैज्ञानिक उपकरणों का निर्माण शामिल है।

शिक्षण संस्थान

यहाँ अखिल भारतीय कर्तक संगठन का मुख्यालय और आंध्र विश्वविद्यालय से संबंद्ध कई महाविद्यालय हैं, जिनमें श्री वेंकटेश्वर हिंदू कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग, आर.के. कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग ऐंड टेक्नोलॉजी, एस.वी. इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस, एस.वी.एल, पॉलिटेक्निक, नोबल कॉलेज, हिंदू कॉलेज, ए.जे.के. कॉलेज, एल.ए.जी.जे. कॉलेज और अन्य संस्थान शामिल है।


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