मणिवेदिका शक्तिपीठ  

मणिवेदिका शक्तिपीठ 51 शक्तिपीठों में से एक है। हिन्दू धर्म के पुराणों के अनुसार जहां-जहां सती के अंग के टुकड़े, धारण किए वस्त्र या आभूषण गिरे, वहां-वहां शक्तिपीठ अस्तित्व में आये। ये अत्यंत पावन तीर्थस्थान कहलाये। ये तीर्थ पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर फैले हुए हैं। देवीपुराण में 51 शक्तिपीठों का वर्णन है।

  • राजस्थान में अजमेर से 11 किलोमीटर दूर पुष्कर एक महत्त्वपूर्ण तीर्थस्थल है।
  • पुष्कर सरोवर के एक ओर पर्वत की चोटी पर स्थित है- सावित्री मंदिर, जिसमें माँ की आभायुक्त, तेजस्वी प्रतिमा है तथा दूसरी ओर स्थित है गायत्री मंदिर और यही शक्तिपीठ है।
  • जहाँ सती के "मणिबंध (कलाइयों)" का पतन हुआ था।
  • यहाँ की सति 'गायत्री' तथा भैरव 'शर्वानंद' हैं।
  • दिल्ली-अहमदाबाद मुख्य रेलमार्ग पर दिल्ली से 438 कि.मी. तथा जयपुर से 134 कि.मी. दूर अजमेर स्टेशन है।
  • यहाँ से पुष्कर जाने के लिए ऑटो, टैक्सी, बस आदि मिलते हैं।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध




टीका टिप्पणी और संदर्भ

बाहरी कड़ियाँ

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=मणिवेदिका_शक्तिपीठ&oldid=270602" से लिया गया