कला-संस्कृति और धर्म सामान्य ज्ञान 305  

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1. राम किंकर बैज की कला शिक्षा कहां हुई थी?

श्री निकेतन
कलकत्ता स्कूल ऑफ़ आर्ट्स
शांतिनिकेतन
बंगाल स्कूल ऑफ़ आर्ट्स
राम किंकर बैज का जन्म वर्ष 1910 में पश्चिम बंगाल के बांकुरा में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1925 में कला भवन, विश्व भारती विश्वविद्यालय, शान्तिनिकेतन में कला की शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने दो यूरोपीय शिल्पकारों से शिक्षा प्राप्त की। इनमें से एक बोर्डिले के शिष्य थे जो टैगोर के आमंत्रण पर शांतिनेकेतन की यात्रा पर आए थे। राम किंकर बैज की मृत्यु 2 अगस्त, 1980 को कलकत्ता (वर्तमान कोलकत्ता) में हो गई।

2. छपाई कला की खोज कहाँ हुई थी-

इंग्लैंड
फ्रांस
चीन
भारत
छपाई कला की खोज सबसे पहले चीन में हुई थी। लगभग 7वीं सदी में ही चीन वारा वुड ब्लॉक प्रिंटिंग के माध्यम से छपाई कला का प्रयोग किया जा रहा था। यूरोप में भी यह कला 14वीं शताब्दी के आस-पास प्रयोग की जा रही थी। गुटेनबर्ग ने घातुओं का प्रयोग कर सबसे पहले 'लेटर प्रेस प्रिंटिंग तकनीक' को विकसित किया था।

3. 'रबीन्द्रनाथ टैगोर' किस चित्र-शैली से संबद्ध थे?

आधुनिक चित्र कलाशैली
कंपनी स्कूल
बंगाल स्कूल
राजस्थानी स्कूल
रवीन्द्रनाथ टैगोर आधुनिक चित्रकला शैली से संबद्ध थे। साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार (1913) से सम्मानित रबीन्द्रनाथ टैगोर (1861-1941 ई.) एक संपन्न बंगाली परिवार में पैदा हुए थे। वे नोबेल प्राप्त करने वाले प्रथम भारतीय थे।

4. जॉन कांस्टेबल संबंधित हैं-

रोकोको पेंटिंग
बरोक पेंटिंग
हार्ड रेनेशां पेंटिंग
इंग्लिश रोमांटिक पेंटिंग
आधुनिक काल के प्रणेताओं में गोया, दाविए तथा टर्नर के साथ ही जॉन कांस्टेबल का नाम लिखा जाता है। टर्नर की भांति वह प्राकृतिक दृश्य को किसी पौराणिक अथवा ऐतिहासिक कथानक से या प्रतीक से जोड़कर प्रस्तुत नहीं करता था अपितु किसी भी सरल, सुपरिचित स्थान को सरल विधि से ही अंकित करना चाहता था। इसलिए उसके दृश्य-चित्र 'प्रकृत्याश्रित' कहे जाते हैं।

5. बाबर को किस 'पद्य शैली' का जन्मदाता माना है?

शायरी
मुबइयान
दीनपनाह
इनमें से कोई नहीं
बाबर को 'मुनइयान' पद्य शैली का जन्मदाता माना जाता है। तुजुक-ए-बाबरी' बाबर की प्रसिद्ध कृति है। अमीर अली शीर के अलावा तुर्की कविता की रचना करने वाला बाबर दूसरा व्यक्ति था। उसने शुद्ध और सबसे चमकदार तुर्की भाषा में एक दिवान (काव्य संग्रह) लिखा था। उसने तुर्की छंदशास्त्र की एक अलग प्रणाली विकसित की थी। तुर्की इतिहास को एक संस्मरण के रूप में भी बाबर ने लिखा है।

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