गुलमर्ग  

गुलमर्ग
गुलमर्ग
विवरण गुलमर्ग जम्‍मू और कश्‍मीर का एक ख़ूबसूरत हिल स्‍टेशन है। इसकी सुंदरता के कारण इसे "धरती का स्‍वर्ग" भी कहा जाता है। यह भारत के प्रमुख पर्यटन स्‍थलों में से एक हैं।
राज्य जम्मू और कश्मीर
ज़िला बारामूला
भौगोलिक स्थिति 34° 3′ 0″ उत्तर, 74° 22′ 48″ पूर्व
प्रसिद्धि हिल स्‍टेशन
कब जाएँ खूबसूरती देखने का सबसे अच्छा समय मार्च और अक्टूबर के बीच
यातायात ऐयरवेज़, रेल, बस आदि
कहाँ ठहरें गैस्ट हाउस, होटल आदि
एस.टी.डी. कोड 01953
संबंधित लेख श्रीनगर, सोनमर्ग, लेह, लद्दाख, जोजिला, गॉल्फ कोर्स, जम्मू और कश्मीर, बारामूला
खोज 1927
अन्य जानकारी गुलमर्ग का 'सैरगाह' दुनिया के सबसे ऊँचे गॉल्फ़ मैदान के लिए प्रसिद्ध है, साथ ही यहाँ टेनिस, स्कीइंग तथा पोलो जैसे खेलों की सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं।
अद्यतन‎

गुलमर्ग जम्मू और कश्मीर राज्य में स्थित है, जो अपने प्राकृतिक सौन्दर्य के विख्यात है। लगभग 2,600 मीटर की ऊँचाई पर स्थित गुलमर्ग से समूची कश्मीर घाटी और नंगा पर्वत का नयनाभिराम दृश्य दिखाई देता है। 'गुलमर्ग' का अर्थ है- "फूलों की वादी"। यहाँ पर्यटन की दृष्टि से कई स्थान महत्त्वपूर्ण हैं, जिन्हें देखने के लिए पर्यटकों का लगातार यहाँ आगमन बना रहता है।

गुलमर्ग जम्‍मू और कश्‍मीर का एक ख़ूबसूरत हिल स्‍टेशन है। इसकी सुंदरता के कारण इसे "धरती का स्‍वर्ग" भी कहा जाता है। यह भारत के प्रमुख पर्यटन स्‍थलों में से एक हैं। फूलों के प्रदेश के नाम से मशहूर यह स्‍थान बारामूला ज़िले में स्थित है। यहाँ के हरे भरे ढलान सैलानियों को आकर्षित करते हैं। गुलमर्ग सर्दी के मौसम में बड़ी संख्‍या में पर्यटकों को आकर्षित करता हैं।

नाम और इतिहास

गुलमर्ग का शाब्दिक अर्थ है "फूलों की वादी।" जम्मू-कश्मीर के बारामूला ज़िले में लगभग 2,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुलमर्ग की खोज 1927 में अंग्रेजों ने की थी। यह स्थान पहले “गौरीमर्ग” के नाम से जाना जाता था, जो भगवान शिव की पत्नी "गौरी" का नाम है, जो यहाँ के चरवाहों ने इसे दिया था। फिर16वीं शताब्‍दी में कश्मीर के अंतिम राजा, राजा "युसुफशाह चक" ने इस स्थान की खूबसूरती और शांत वातावरण में मग्न होकर इसका नाम गौरीमर्ग से बदल कर "गुलमर्ग" रख दिया।[1] आज यह सिर्फ पहाड़ों का शहर नहीं है, बल्कि यहाँ विश्‍व का सबसे बड़ा गोल्‍फ कोर्स और देश का प्रमुख स्‍की रिज़ॉर्ट है।

विशेषताएँ

  • गुलमर्ग में 8,126 मीटर ऊँचा नंगा पर्वत हिमालय के उच्चतम शिखरों में से एक है।
  • यहाँ चारों तरफ़ की वृत्ताकार सड़क से घाटी और पर्वतों के समस्त दर्शनीय स्थल देखे जा सकते हैं।
  • गुलमर्ग का 'सैरगाह' दुनिया के सबसे ऊँचे गॉल्फ़ मैदान के लिए प्रसिद्ध है, साथ ही यहाँ टेनिस, स्कीइंग तथा पोलो जैसे खेलों की सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं।
  • पहले गुलमर्ग जम्मू-कश्मीर राज्य की सीमा शुल्क तथा निगरानी चौकी हुआ करता था।
  • यहाँ का प्रसिद्ध 'रानी मंदिर' चीनी-बौद्ध शैली में निर्मित है। मंदिर अपेक्षाकृत नवीन होते हुए भी कश्मीर की पुरानी वास्तुकला का उदाहरण है।
  • गुलबर्ग मुग़ल बादशाहों, विशेषकर जहाँगीर का प्रिय क्रीड़ास्थल था।

गुलमर्ग जाने का समय

वैसे तो सैलानी साल के किसी भी मौसम में गुलमर्ग घूमने जा सकते हैं। पर गुलमर्ग की खूबसूरती देखने का सबसे अच्छा समय मार्च और अक्टूबर के बीच है।

मौसम

गुलमर्ग

गुलमर्ग का सुहावना मौसम, शानदार परिदृश्य, फूलों से खिले बगीचे, देवदार के पेड़, खूबसूरत झीलें पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। गुलमर्ग अपनी हरियाली और सौम्य वातावरण के कारण आज एक पिकनिक और कैम्पिंग स्पॉट बन गया है। निंगली नल्लाह, वरिनग और फिरोजपुर नल्लाह यहाँ के कुछ प्रमुख नल्लाहे हैं। कहा जाता है कि वरिनग नल्लाहे के पानी में कुछ औषधीय गुण मौजूद है, जिसके कारण यहाँ कई सैलानी आते हैं। बायोस्पीयर रिज़र्व भी गुलमर्ग का प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है।

पर्यटन

निंगली नल्लाह और ऑटर सर्कल वाक, गुलमर्ग के दो प्रमुख आकर्षक स्थल है। अफरात पहाड़ी की पिघलती बर्फ निंगली नल्लाहे में बहती है। आगे यह पहाडों से गुजरते हुए सोपोर में झेलम नदी संग जुड जाता है। खिलनमर्ग में बने पुल से यात्री इस नल्लाहे को देख सकते हैं, जो गुलमर्ग का एक और पर्यटक स्थल है। “ऑटर सर्कल वाक” भी कश्मीर का पर्यटक स्थल है। इस वाक में, सैलानी कश्मीर की वादियों की सैर के साथ साथ 8500 मीटर ऊँची विश्व की चौथी ऊँची पहाडी नंगा पर्वत को देख सकते हैं।

गॉल्फ कोर्स

गुलमर्ग का गॉल्फ कोर्स विश्‍व के सबसे बड़े और हरे भरे गॉल्फ कोर्स में से एक है। अंग्रेज़ यहां अपनी छुट्टियाँ बिताने आते थे। उन्‍होंने ही गॉल्फ के शौकीनों के लिए 1904 में इस गॉल्फ कोर्स की स्‍थापना की थी। वर्तमान में इसकी देखरेख "जम्‍मू और कश्‍मीर पर्यटन विकास प्राधिकरण" करता है।

स्‍कींग

स्‍कींग में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए गुलमर्ग देश का ही नहीं बल्कि इसकी गिनती विश्‍व के सर्वोत्तम स्‍कींग रिजॉर्ट में की जाती है। दिसंबर में बर्फ गिरने के बाद यहाँ बड़ी संख्‍या में पर्यटक स्‍कींग करने आते हैं। यहाँ स्‍कींग करने के लिए ढ़लानों पर स्‍कींग करने का अनुभव होना चाहिए। जो लोग स्‍कींग सीखना शुरु कर रहे हैं, उनके लिए भी यह सही जगह है। यहां स्‍कींग सीखने की सभी सुविधाएं और अच्‍छे प्रशिक्षक भी मौजूद हैं।

गोंडोला राइड

गोंडोला राईड जो कि केबल कार सिस्टम है, गुलमर्ग का प्रमुख आकर्षक स्थल है। यह दो पांच कि.मी लम्बी राइड है, गुलमर्ग से कौंगडोर और कौंगडोर से अफरवात। इस राइड में आप पूरे हिमालय पर्वत और गोंडोला गाँव को देख सकते हैं। कौंगडोर का गोंडोला स्टेशन 3099 मीटर और अफरात 3979 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। गोंडोला राइड भ्रमण के लिए बहुत ही मनोरंजक साधन है।

खिलनमर्ग

खिलनमर्ग गुलमर्ग के आंचल में बसी एक खूबसूरत घाटी है। यहां के हरे मैदानों में जंगली फूलों का सौंदर्य देखते ही बनता है। खिलनमर्ग से बर्फ से ढ़के हिमालय और कश्‍मीर घाटी का अद्भुत नजारा देखा जा सकता है।

दृंग

दृंग, जिसकी खोज हाल ही में हुई है, गुलमर्ग का सबसे बढिया पिकनिक स्पॉट है। सैलानी यहाँ कि खूबसूरती के साथ - साथ मछली पकड़ने का भी लुफ्त उठा सकते हैं। लिंमर्ग, गुलमर्ग का एक और पर्यटक स्थल है, जो अपनी प्राकृतिक सौन्दर्यता के लिए प्रसिद्ध है। देवदार के पेडों और सुन्दर फूलों से ढक्का यह प्रदेश कैम्पिंग और पर्यटक के लिए उत्तम स्थल हैं।

अलपाथर झील

चीड़ और देवदार के पेड़ों से घिरी यह झील अफरवात चोटी के नीचे स्थित है। इस खूबसूरत झील का पानी मध्‍य जून तक बर्फ ही बना रहता है। अलपाथर झील गुलमर्ग से 13 कि.मी दूर है, और यह गुलमर्ग का पर्यटक स्थल भी है। इस झील की खासियत यह है कि, जून तक इसमें बर्फ जमी रहती है और गर्मियों में इसका पानी बर्फ के टुकडो संग निंगली नल्लाह में बहने लगता है। इस झील के आस पास बर्फ से ढक्की पहाडियाँ इसे और भी आकर्षक बनती है।

निंगली नल्‍लाह

गुलमर्ग से आठ किमी दूर स्थित निंगली नल्‍लाह एक धारा है जो अफरात चोटी से पिघली बर्फ और अलपाथर झील के पानी से बनी है। यह सफेद धारा घाटी में गिरती है और अंतत: झेलम नदी में मिलती है। घाटी के साथ बहती यह धारा गुलमर्ग का एक प्रसिद्ध पिकनिक स्‍पॉट है।

आसपास दर्शनीय स्‍‍थल

श्रीनगर

यह जम्‍मू कश्‍मीर की राजधानी है और यहाँ का सबसे बड़ा शहर है। समुद्र तल से 1730 मी. की ऊँचाई पर स्थित श्रीनगर नहर, हाउस बोट और मुग़ल गार्डन के लिए मशहूर है।

बाबा रेशी की दरगाह

यह मुसलमानों का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है। यह जियारत एक प्रसिद्ध मुस्लिम संत की याद में बनाई गई है जिनका इंतकाल 1480 में हुआ था। सन्‍यास लेने से पहले वे कश्‍मीर के राजा जिया-उल-अबिदीन के दरबारी थे। प्रतिवर्ष हजारों की संख्‍या में श्रद्धालु यहाँ आते हैं।

अन्य पर्यटन स्थल

इन के अलावा गुलमर्ग में और भी कई पर्यटक स्थल है। जैसे कि बाबा रेशी की दरगाह, फिशिंग पॉड, बनीबल नग, कौतर नग, और सोनमर्ग। ये सारे यहाँ के पिकनिक और कैम्पिंग स्पॉट है। सोनमर्ग, जिसे "सोने का मैदान" भी कहा जाता है, यहाँ से हिन्दुओं के धार्मिक स्थान अमरनाथ की ओर जा सकते हैं। इनके अलावा श्रीनगर-लेह मार्ग द्वारा लद्दाख और जोजिला भी जा सकते हैं।

कैसे पहुंचें

वायु मार्ग

नज़दीकी हवाई अड्डा श्रीनगर (56 किमी.) देश के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। दिल्‍ली से यहाँ के लिए नियमित उड़ानें हैं।

रेल मार्ग

गुलमर्ग से निकटतम रेलवे स्‍टेशन जम्‍मू है, जहाँ देश के विभिन्‍न भागों से ट्रेनें चलती हैं।

सड़क मार्ग

गुलमर्ग श्रीनगर से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। देश के अन्‍य भागों से श्रीनगर के लिए नियमित रूप से बसें चलती हैं।


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वीथिका

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. फूलों का मैदान (हिन्दी) (html)। । अभिगमन तिथि: 7अगस्त, 2016।

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