बारामूला  

बारामूला
बारामूला
विवरण बारामूला जम्मू कश्मीर राज्य के 22 ज़िलों में से एक है। इस प्राचीन शहर की स्थापना ईसा पूर्व 2306 में राजा भीमसिना द्वारा की गई थी। बारामूला का प्राचीन नाम 'बाराह' (या वराह) मूल है।
राज्य जम्मू कश्मीर
ज़िला बारामूला
निर्माता भीमसिना
स्थापना ईसा पूर्व 2306
प्रसिद्धि बारामूला पर्यटकों के बीच अपने गुरुद्वारों, मंदिरों, मठों, मस्जिदों और गुलमर्ग के लिए प्रसिद्ध है।
कब जाएँ अप्रैल से जुलाई
यातायात एयरवेज़, रेल, बस आदि
क्या देखें गुरुद्वारा, मंदिर, मठ, मस्जिद, गुलमर्ग
कहाँ ठहरें होटल, गैस्ट हाउस आदि
एस.टी.डी. कोड 01952
Map-icon.gif बारामूला
संबंधित लेख जम्मू और कश्मीर, गुलमर्ग, वूलर झील, झेलम नदी, पीर पंजाल पर्वतश्रेणी, कश्मीर घाटी
अन्य नाम बाराह या वराह
क्षेत्र 4190 वर्ग किलोमीटर
अन्य जानकारी इस क्षेत्र की यात्रा के दौरान पर्यटकों को गुलमर्ग की यात्रा अवश्य करनी चाहिए, जो समुद्र सतह से 2730 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस शहर का वास्तविक नाम 'गौरीमर्ग' था। जिसका अर्थ है- 'फूलों की घाटी'।
अद्यतन‎

बारामूला जम्मू और कश्मीर राज्य के 22 ज़िलों में से एक है, जिसे 8 तहसीलों और 16 खण्डों में बांटा गया है। यह लगभग 4190 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यह ज़िला पश्चिम में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के साथ अपनी सीमाओं को बांटता है। बारामूला, कुपवाडा शहर के दक्षिण में और पुंछ और बुदगाम के उत्तर में स्थित है। श्रीनगर और लद्दाख इसके पूर्वी ओर हैं।

स्थापना

इस प्राचीन शहर की स्थापना ईसा पूर्व 2306 में राजा भीमसिना द्वारा की गई थी।[1] बारामूला का प्राचीन नाम 'बाराह' (या वराह) मूल है। जान पड़ता है कि यहाँ प्राचीन काल में वराहोपासना का केन्द्र था। बारामूला पश्चिमोत्तर जम्मू कश्मीर राज्य, उत्तर भारत में वूलर झील से निकलने वाली झेलम नदी के उद्गम स्थल से लगभग 11 किलोमीटर दूर, नदी के तट पर स्थित है। यह जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर से लगभग 45 किलोमीटर पश्चिम और कुछ उत्तर में स्थित है। बारामूला कृषि क्षेत्र से घिरा हुआ है, जिसमें धान, गेहूँ और जौ की खेती होती है। बारामूला क्षेत्र की सीमा पर हिमालय (पश्चिम) की पीर पंजाल पर्वतश्रेणी और कश्मीर घाटी (पूर्व) स्थित है।

इतिहास

  • सन 1508 में महान् मुग़ल शासक अकबर ने इस स्थान का भ्रमण किया था।
  • जहांगीर ने अपनी कश्मीर घाटी की यात्रा के दौरान यहां की खूबसूरती से प्रभावित होकर यहीं रहने का फैसला किया।
  • प्रसिद्ध चीनी यात्री हवेन्सांग ने भी एक बार बारामूला ज़िले का भ्रमण किया था।

नाम

इस ज़िले का नाम संस्कृत भाषा के दो शब्दों ‘वराह’ और 'मूल' से मिल कर बना है, जिसमें 'वराह' का अर्थ है- सूअर और ‘मूल’ जिसका अर्थ है- दाढ़, तथा जिससे इसका संयुक्त रूप से अर्थ है- ‘सूअर दाढ़’। इस स्थान के पीछे जो किवदंती है, वह कश्मीर के प्राचीन महाकाव्य 'निलमठपुराण' में लिखी गई है। महाकाव्य के अनुसार कश्मीर का क्षेत्र वास्तव में एक झील सतीसरा था, जो एक राक्षस जलोभव के अधिकार में थी। इस राक्षस का नाश करने के लिए संरक्षण के हिंदू देवता विष्णु ने सूअर का रूप लिया और अपनी दाढ़ के द्वारा पहाड़ में एक छेद करके पानी के प्रवाह को बाहर निकला।

पर्यटन

बारामूला पर्यटकों के बीच अपने गुरुद्वारों, मंदिरों, मठों और मस्जिदों के लिए प्रसिद्ध है। इस क्षेत्र की यात्रा के दौरान पर्यटकों को गुलमर्ग की यात्रा अवश्य करनी चाहिए, जो समुद्र सतह से 2730 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस शहर का वास्तविक नाम 'गौरीमर्ग' था, परंतु बाद में 16 वीं शताब्दी में इसका नाम गुलमर्ग हो गया, जिसका अर्थ है- 'फूलों की घाटी'।

गुलमर्ग अपने गोल्फ कोर्स के लिए भी जाना जाता है, जिसे विश्व का सबसे ऊंचा हरा भरा गोल्फ कोर्स घोषित किया गया है। इस गोल्फ क्लब का प्रबंधन जम्मू और कश्मीर पर्यटन विकास निगम (जेकेटीडीसी) को सौंपा गया है। गोल्फ कोर्स के अलावा पर्यटक गुलमर्ग के अन्य प्रसिद्ध स्थान, जैसे- खिलनमर्ग, अच्चाबल, गंडोला लिफ़्ट, तन्मर्ग, वेरीनाग और गुलमर्ग बायोस्फियर रिज़र्व भी देख सकते हैं। इस जिले का पर्यटन का एक अन्य आकर्षण परिहसपोरा शहर है। राजा शंकर वर्मन के शासनकाल के दौरान यह शहर कश्मीर की राजधानी था। यात्री अक्सर पुरातात्विक स्मारकों जैसे परिहसपोरा पट्टन और पट्टन बाज़ार के लिए परिहसपोरा की यात्रा करते हैं। पर्यटक विष्णु तीर्थ स्थलों, राजभवन और 1914 में खुदाई के दौरान पाए गए चैत्य का भी भ्रमण कर सकते हैं। वूलर झील, मानसबल झील और अल्पथेर झील भी देखने योग्य हैंं।

धार्मिक स्थान

बारामूला में कई धार्मिक स्थान भी हैं। तन्मर्ग में स्थित ज़यारत बाबा रेशी, सोपोर में स्थित ज़यारत तुज्जर शरीफ़, अह्मद्पोरा में स्थित इमामबाड़ा गूम और ज़यारत जांबाज़ वली आदि। वात्लब में स्थित ज़यारत दस्तगीर साहिब, ज़यारत बाबा शकूरुद्दीन और बांदीपोरा में स्थित ज़यारत अहीम शरीफ़ अन्य प्रसिद्ध धार्मिक स्थाल हैं। शिव मंदिर जिसे महारानी या मोहिनेश्वर शिवालय भी कहा जाता है, भी देखने योग्य है। इस मंदिर का निर्माण 1915 में कश्मीर के राजा, महाराजा हरिसिंह की पत्नी मोहिनी बाल सिसोदिया द्वारा किया गया। यहां विनाश के हिंदू देवता शिव और उनकी पत्नी पार्वती की मूर्तियां हैं। हिंदू और मुस्लिम धार्मिक स्थलों के अलावा यात्री यहां सिख मंदिर, चट्टी पदशाही की यात्रा कर सकते हैं। नदियों, पहाड़ों, घाटियों, झीलों, झरनों और जलप्रपातों की उपस्थिति बारामूला को उन लोगों के लिए आदर्श स्थान बनाती है, जो प्रकृति की गोद के बीच समय बिताना चाहते हैं।

कैसे जाएं

वे यात्री जो बारामूला की सैर की योजना बना रहे हैं, वे परिवहन के किसी भी साधन, जैसे- एयरवेज़, रेल और रास्ते द्वारा यहां पहुंच सकते हैं। इस स्थान की सैर के लिए आदर्श समय अप्रैल से जुलाई तक होता है, जब यहां गर्मी का मौसम होता है। वे पर्यटक जो स्कीइंग का आनंद उठाना चाहते हैं, उन्हें ठंड के प्रारंभ के दिनों में इस स्थान की सैर करनी चाहिए।[2]



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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. District Baramulla (अंग्रेज़ी) baramulla.nic.in। अभिगमन तिथि: 7 अगस्त, 2016।
  2. बारामूला – एक अध्यात्मिक निवास (हिन्दी) (html)। । अभिगमन तिथि: 6 अगस्त, 2016।

बाहरी कड़ियाँ

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