कारगिल  

कारगिल का एक दृश्य

कारगिल श्रीनगर से 204 कि.मी. दूर लेह से 230 कि.मी. पहले सुरु नदी के किनारे 2650 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहाँ कारगिल का ज़िला मुख्यालय भी है। कारगिल लद्दाख क्षेत्र का दूसरा सबसे मुख्य शहर है। लेह को जोड़ने की प्रमुखता से अलग यह जंसकार क्षेत्र के आसपास के इलाकों की सैर के लिए भी जाना जाता है।

व्यापार और कृषि

पुराने समय में कारगिल रूस तथा चीन के साथ व्यापार का मुख्य केन्द्र हुआ करता था। कारगिल लचकदार डालियों वाले चिनार के वृक्षों तथा मेवों के बागों से घिरा हुआ है। यह गेहूँ, जौ तथा सब्जियों के उत्पादों के लिए प्रसिद्ध है।

सुरु घाटी, कारगिल

मुख्य आकर्षण

कारगिल का आकर्षण यहाँ का तुर्की कला के अनुसार बनाया गया इमामबाड़ा है। यहाँ मुख्यत: शिया समुदाय के लोगों का निवास स्थान है। कारगिल में प्रत्येक वर्ष मोहर्रम का त्यौहार बड़ी धुमधाम से मनाया जाता है, जिसमें हज़ारों लोग सम्मिलित होते हैं, जो देश के कोने-कोने से यहाँ आते हैं। कारगिल का एक अन्य आकर्षण यहां स्थित सुरु घाटी भी है, जो हरी भरी अत्यधिक सुंदर है।

भाषा

कारगिल की मुख्य भाषा पुरिग हैं, परंतु उर्दू, अंग्रेजी तथा अरबी भाषा भी यहाँ बोली जाती है।

यातायात और परिवहन

कारगिल में टैक्सी स्टैंड के पास यात्री स्वागत केन्द्र है, जहाँ से ट्रैकिंग के लिए उपयोगी सामान किराये पर लिया जा सकता है। यहाँ पर खाने-पीने तथा आवास की अच्छी व्यवस्था उपलब्ध है।


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