बिलासपुर छत्तीसगढ़  

इतिहास

18वीं शाताब्दी में मराठों द्वारा अधिकार किये जाने से पहले, बिलासपुर, गोंड राज्य की राजधानी था। इसके उत्तर में स्थित रतनपुर छत्तीसगढ़ के हिन्दू राजवंश हैहय की प्राचीन राजधानी थी। इसके ध्वंसावशेष आठवीं शाताब्दी के हैं। बिलासपुर में 1867 में नगरपालिका गठित की गई थी। बिलासपुर प्राचीनकाल में मछियारों की छोटी सी बस्ती मात्र था। किंवदंती के अनुसार इसे एक मछियारे की स्त्री बिलास के नाम पर बिलासपुर कहा जाने लगा था। रायपुर- बिलासपुर के ज़िले प्राचीनकाल में दक्षिण-कोसल में सम्मिलित थे।

यातायात और परिवहन

बिलासपुर में एक प्रमुख रेलवे जंक्शन और रेलवे कार्यशाला है।

कृषि और खनिज

बिलासपुर एक कृषि केंद्र है।

उद्योग और व्यापार

बिलासपुर में कृषि व्यवसाय होता है। और यह चावल व आटे की मिल, आरा मिल और चपड़ा निर्माण का व्यावसायिक केंन्द्र भी है। बिलासपुर अपने खनिजों के लिए सम्पूर्ण भारत में बहुत ही प्रसिद्ध है। यह छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे बड़ी मात्रा में मैंगनीज़ उत्पादन करने वाला राज्य है।

शिक्षण संस्थान

बिलासपुर में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय से संबद्ध अनेक महाविद्यालय हैं। और एक संगीत अकादमी भी है। छत्तीसगढ़ राज्य में मवेशी और पशुपालन महत्त्वपूर्ण कार्यों में से एक हैं। मवेशियों में गाय, भैंस, बकरी, भेड़, और सूअर आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। बिलासपुर में स्थित बकरी व गाय के कृत्रिम प्रजनन और संकरण केंद्र इन जानवरों की संख्या और गुणवत्ता बढ़ाने में लगे हैं। गोकुलम (अंजोरा) राज्य का एकमात्र पशु चिकित्सालय और एक महाविद्याल्य है, जहाँ पशुओं आदि की देखभाल और उनसे सम्बन्धित बीमारियों का इलाज किया जाता है।

जनसंख्या

2001 की जनगणना के अनुसार बिलासपुर की जनसंख्या 2,65,178 है। बिलासपुर ज़िले की कुल जनसंख्या 19,93,042 है।


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