आनंदभैरव  

आनंदभैरव संगीत के प्राचीन भारतीय पंडितों के अनुसार रागों के प्रमुख छह भेद बताए गए हैं, यथा भैरव,श्री, मालकास, दीपक, मेघ और हिंडोल। आनंभैरव तथा वसंतभैरव राग भैरव के दो विभेद हैं, यद्यपि आजकल इन विभेदों का प्रचलन नहीं रह गया है। भैरव प्रात:काल का राग है।[1]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हिन्दी विश्वकोश, खण्ड 1 |प्रकाशक: नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 374 |

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