शोर मंदिर  

शोर मंदिर
शोर मंदिर, महाबलीपुरम
वर्णन शोर मंदिर को दक्षिण भारत के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक माना जाता है
स्थान महाबलीपुरम
निर्माण काल आठवीं शताब्दी
देवी-देवता शिव और विष्णु
वास्तुकला द्रविड वास्तुकला
भौगोलिक स्थिति उत्तर- 12° 36' 59.04", पूर्व- 80° 11' 57.84"
संबंधित लेख महाबलीपुरम तट
मानचित्र लिंक गूगल मनचित्र
अन्य जानकारी महाबलीपुरम में स्मारकों के समूह के रूप में, यह एक यूनेस्को विश्व विरासत स्थल के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
अद्यतन‎

शोर मंदिर तमिलनाडु के महाबलीपुरम में स्थित है।

  • शोर मंदिर को दक्षिण भारत के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक माना जाता है जिसका संबंध आठवीं शताब्दी से है।
  • यह मंदिर द्रविड वास्तुकला का बेहतरीन नमूना है और ग्रेनाइट के ब्लॉक के साथ बनाया गया है।
  • यह पाँच मंज़िला मंदिर है, इसका पिरामिड संरचना 60 फुट ऊंची है और एक 50 फुट वर्ग में फैला हुआ है।
  • शोर मंदिर के भीतर तीन मंदिर हैं। बीच में भगवान विष्णु का मंदिर है इसके दोनों तरफ शिव मंदिर हैं।
  • महाबलीपुरम में स्मारकों के समूह के रूप में, यह एक यूनेस्को विश्व विरासत स्थल के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
  • मंदिर से टकराती सागर की लहरें एक अनोखा दृश्य उपस्थित करती हैं।
शोर मंदिर, महाबलीपुरम (मामल्लपुरम)
शोर मंदिर, महाबलीपुरम


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

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