हम होंगे कामयाब -गिरिजाकुमार माथुर  

Disamb2.jpg हम होंगे कामयाब एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- हम होंगे कामयाब
हम होंगे कामयाब -गिरिजाकुमार माथुर
गिरिजाकुमार माथुर
कवि गिरिजाकुमार माथुर
जन्म 22 अगस्त, 1919
जन्म स्थान गुना ज़िला, मध्य प्रदेश
मृत्यु 10 जनवरी, 1994
मृत्यु स्थान नई दिल्ली
मुख्य रचनाएँ 'नाश और निर्माण', 'मंजीर', 'शिलापंख चमकीले', 'जो बंध नहीं सका', 'साक्षी रहे वर्तमान', 'मैं वक्त के हूँ सामने' आदि।
यू-ट्यूब लिंक हम होंगे कामयाब
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची

होंगे कामयाब, होंगे कामयाब
हम होंगे कामयाब एक दिन
हो, हो,
मन में है विश्वास
पूरा है विश्वास
हम होंगे कामयाब एक दिन

होगी शान्ति चारों ओर
होगी शान्ति चारों ओर
होगी शान्ति चारों ओर एक दिन
हो, हो,
मन में है विश्वास
पूरा है विश्वास
होगी शान्ति चारों ओर एक दिन

हम चलेंगे साथ साथ
डाले हाथों में हाथ
हम चलेंगे साथ साथ एक दिन
हो, हो,
मन में है विश्वास
पूरा है विश्वास
हम चलेंगे साथ साथ एक दिन

नहीं डर किसी का आज
नहीं भय किसी का आज
नहीं डर किसी का आज के दिन
हो, हो,
मन में है विश्वास
पूरा है विश्वास
नहीं डर किसी का आज के दिन


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