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आज का दिन - 16 जून 2026 (भारतीय समयानुसार)

- राष्ट्रीय शाके 1948, शाके 26 गते 02, शुद्ध ज्येष्ठ, मंगलवार
- विक्रम सम्वत् 2083, शुद्ध ज्येष्ठ, शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा/द्वितीया, मंगलवार, आर्द्रा
- इस्लामी हिजरी 1447, 29, ज़िलहिज्ज, मंगल, आर्द्रा
- महमूद अली ख़ाँ (जन्म), हेमन्त कुमार (जन्म), मिथुन चक्रवर्ती (जन्म), सी. एम. पुनाचा (जन्म), सुरेश कांत (जन्म), डॉ. ब्रह्मदेव शर्मा (जन्म), चौधरी ब्रह्म प्रकाश (जन्म), ए. एन. मूर्ति राव (जन्म), अख़लाक़ मुहम्मद ख़ान 'शहरयार' (जन्म), ए. एन. मूर्ति राव (जन्म), चित्तरंजन दास (मृत्यु), प्रफुल्ल चंद्र राय (मृत्यु), चार्ल्स कोरिया (मृत्यु), सी. एस. वेंकटाचार (मृत्यु), चंद्रशेखर वैद्य (मृत्यु)
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भारतकोश हलचल
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जन्म
लिएंडर पेस (17 जून) • ज्योति प्रसाद अग्रवाल (17 जून) • कैलाश नाथ काटजू (17 जून) • निशिकांत कामत (17 जून) • भगत सिंह कोश्यारी (17 जून) • महमूद अली ख़ाँ (16 जून) • चौधरी ब्रह्म प्रकाश (16 जून) • डॉ. ब्रह्मदेव शर्मा (16 जून) • हेमन्त कुमार (16 जून) • अख़लाक़ मुहम्मद ख़ान 'शहरयार' (16 जून) • मिथुन चक्रवर्ती (16 जून) • सी. एम. पुनाचा (16 जून) • सुरेश कांत (16 जून) • रोहित श्रीवास्तव (16 जून)
मृत्यु
जीजाबाई (17 जून) • गोपबंधु दास (17 जून) • गोपाल गणेश आगरकर (17 जून) • रानी लक्ष्मीबाई (17 जून) • मुमताज़ महल (17 जून) • चित्तरंजन दास (16 जून) • प्रफुल्ल चंद्र राय (16 जून) • चार्ल्स कोरिया (16 जून) • चंद्रशेखर वैद्य (16 जून)
भारतकोश सम्पादकीय -आदित्य चौधरी

यह एक तरह की ध्यानावस्था ही है। यह एक ऐसा ध्यान है जो किया नहीं जाता या धारण नहीं करना होता बल्कि स्वत: ही धारित हो जाता है... बस लग जाता है। मनोविश्लेषण की पुरानी अवधारणा के अनुसार कहें तो अवचेतन मस्तिष्क (सब कॉन्शस) में कहीं स्थापित हो जाता है। दिमाग़ में बादाम जितने आकार के दो हिस्से, जिन्हें ऍमिग्डाला (Amygdala) कहते हैं, कुछ ऐसा ही व्यवहार करते हैं। ये दोनों कभी-कभी दिमाग़ को अनदेखा कर शरीर के किसी भी हिस्से को सक्रिय कर देते हैं। असल में इनकी मुख्य भूमिका संवेदनात्मक आपातकालिक संदेश देने की होती है। इस तरह की ही कोई प्रणाली संभवत: अवचेतन के संदेशों के निगमन को संचालित करती है। ऍमिग्डाला की प्रक्रिया को 'डेनियल गोलमॅन' ने अपनी किताब इमोशनल इंटेलीजेन्स में बहुत अच्छी तरह समझाया है। ...पूरा पढ़ें
| पिछले सभी लेख → | सफलता का शॉर्ट-कट -आदित्य चौधरी | शहीद मुकुल द्विवेदी के नाम पत्र | शर्मदार की मौत |
एक आलेख

संसद भवन नई दिल्ली में स्थित सर्वाधिक भव्य भवनों में से एक है, जहाँ विश्व में किसी भी देश में मौजूद वास्तुकला के उत्कृष्ट नमूनों की उज्ज्वल छवि मिलती है। राजधानी में आने वाले भ्रमणार्थी इस भवन को देखने ज़रूर आते हैं जैसा कि संसद के दोनों सभाएं लोक सभा और राज्य सभा इसी भवन के अहाते में स्थित हैं। संसद भवन संपदा के अंतर्गत संसद भवन, स्वागत कार्यालय भवन, संसदीय ज्ञानपीठ (संसद ग्रंथालय भवन) संसदीय सौध और इसके आस-पास के विस्तृत लॉन, जहां फ़व्वारे वाले तालाब हैं, शामिल हैं। संसद भवन की अभिकल्पना दो मशहूर वास्तुकारों - सर एडविन लुटय़न्स और सर हर्बर्ट बेकर ने तैयार की थी जो नई दिल्ली की आयोजना और निर्माण के लिए उत्तरदायी थे। संसद भवन की आधारशिला 12 फ़रवरी, 1921 को महामहिम द डय़ूक ऑफ कनाट ने रखी थी । इस भवन के निर्माण में छह वर्ष लगे और इसका उद्घाटन समारोह भारत के तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड इर्विन ने 18 जनवरी, 1927 को आयोजित किया। इसके निर्माण पर 83 लाख रुपये की लागत आई। ... और पढ़ें
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एक व्यक्तित्व
महापण्डित राहुल सांकृत्यायन को हिन्दी यात्रा साहित्य का जनक माना जाता है। वे एक प्रतिष्ठित बहुभाषाविद थे और 20वीं सदी के पूर्वार्द्ध में उन्होंने यात्रा वृतांत तथा विश्व-दर्शन के क्षेत्र में साहित्यिक योगदान किए। बौद्ध धर्म पर उनका शोध हिन्दी साहित्य में युगान्तरकारी माना जाता है, जिसके लिए उन्होंने तिब्बत से लेकर श्रीलंका तक भ्रमण किया था। बौद्ध धर्म की ओर जब झुकाव हुआ तो पाली, प्राकृत, अपभ्रंश, तिब्बती, चीनी, जापानी, एवं सिंहली भाषाओं की जानकारी लेते हुए सम्पूर्ण बौद्ध ग्रन्थों का मनन किया और सर्वश्रेष्ठ उपाधि 'त्रिपिटिका चार्य' की पदवी पायी। साम्यवाद के क्रोड़ में जब राहुल जी गये तो कार्ल मार्क्स, लेनिन तथा स्तालिन के दर्शन से पूर्ण परिचय हुआ। प्रकारान्तर से राहुल जी इतिहास, पुरातत्त्व, स्थापत्य, भाषाशास्त्र एवं राजनीति शास्त्र के अच्छे ज्ञाता थे। ... और पढ़ें
| पिछले लेख → | पण्डित ओंकारनाथ ठाकुर | जे. आर. डी. टाटा | आर. के. लक्ष्मण |
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कबड्डी एक सामूहिक खेल है, जो प्रमुख रूप से भारत में खेला जाता है। कबड्डी नाम का प्रयोग प्राय: उत्तर भारत में किया जाता है, इस खेल को दक्षिण भारत में चेडु-गुडु और पूरब में हु तू तू के नाम से भी जानते हैं। भारत के साथ पड़ोसी देशों में भी कबड्डी बड़े पैमाने पर खेली जाती है। विभिन्न क्षेत्रों में इसके अलग-अलग नाम हैं। बांग्लादेश में हा-दो-दो; श्रीलंका में गुड्डु और थाईलैंण्ड में थीचुब। यद्यपि यह खेल थोड़ी भिन्नता के साथ खेला जाता है, पर शत्रु क्षेत्र में आक्रमण का मूलतंत्र सभी में समान रहता है। ...और पढ़ें
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कार्तिक हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष का आठवाँ माह है। यह समस्त तीर्थों तथा धार्मिक कृत्यों से भी पवित्रतर है। इसका माहात्म्य स्कन्द पुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण में भी मिलता है। कार्तिक मास को मनुष्य के मोक्ष का द्वार भी कहा गया है। शास्त्रों में वर्णन मिलता है कि कार्तिक में भगवान श्रीहरि की आराधना व उनका मंगल गान करने से वे चार माह की योग निद्रा से जागते हैं। चूंकि भगवान विष्णु मनुष्य के लिए सर्व कल्याणकारी देव हैं, इसीलिए उनके जागते ही सभी समस्याओं के समाधान का मार्ग खुल जाता है। इस मास में प्रत्येक घर की शक्ति अर्थात लक्ष्मी स्वरूपा महिलाएँ यदि भगवान का दीप जला कर स्तुति करती हैं तो कार्तिक मास में पूरे परिवार की उन्नति और सांमजस्य का द्वार खुलता है। ईश्वर के जागने के ठीक पहले धन्वन्तरि का अवतरण दिवस धनतेरस, यम को समर्पित यम दीप दान, कृष्ण विजय की प्रतीक नरक चौदस और लक्ष्मी पूजन का दिन दीपावली मनाया जाता है। ... और पढ़ें |
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