गणपतिपुले  

गणपतिपुले महाराष्ट्र राज्य में स्थित एक छोटा-सा गाँव है। यह गाँव शहरी जीवन की भाग-दौड़ और व्यावसायीकरण से अछूता है। गणपतिपुले कोंकण के समुद्र तट पर है, जो कैरेबियन द्वीपसमूह के समान ही भारत में अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थान मुंबई से लगभग 375 किलोमीटर की दूरी पर है और रत्नागिरी ज़िले के अंतर्गत आता है। यह छोटा-सा गाँव सफलतापूर्वक एक सुखद पर्यटन गंतव्य और आकर्षण स्थल के रूप में स्वयं को क़ायम रखे हुए है।

पर्यटन स्थल

गणपतिपुले का 'स्वयंभू गणपति मंदिर' गाँव का प्रमुख आकर्षण है। इस मंदिर में भगवान गणेश की मूर्ति कथित तौर पर लगभग चार सौ वर्ष पुरानी मानी जाती है। इस मूर्ति को एक अखंड चट्टान से नक़्क़ाशा गया है। यह मंदिर हज़ारों तीर्थ यात्रियों को आकर्षित करता है, जो गणपति का आशीर्वाद पाने के लिए हर वर्ष यहाँ आते हैं। गणपति को पश्चिम द्वार्देवता माना जाता है। यह माना जाता है कि स्थानीय लोग जो गणपतिपुले में रहते हैं, उन्हें खुद भगवान आशीर्वाद देते हैं और उनकी देखभाल करते है।[1]

समुद्र तट

यहाँ के समुद्र तट न केवल अपरिवर्तित और स्पष्ट, पवित्र पानी से परिपूर्ण हैं, बल्कि यह क्षेत्र प्रचुर मात्रा में वनस्पति से भरा पड़ा है। वयूशिफ और नारियल के पेड़ों की रेखा पूरे समुद्र तट पर फैली हुई हैं, जो बहुत ही मनमोहक दृश्य पैदा करती हैं। रायगढ़ क़िले और रायगढ़ रौशनी इस क्षेत्र के दो अन्य पर्यटन स्थल है, जिन्‍हें पर्यटकों को अवश्य देखना चाहिए।

स्वादिष्ट व्यंजन

गणपतिपुले के कुछ व्यंजन बहुत स्वादिष्ट हैं, जैसे- 'अम्बपोली' (सूखे आम का पापड़) और 'फनास्पोली' (कटहल का पापड़)। 'कोकम कड़ी' यहाँ के स्थानीय लोगों का और एक पसंदीदा व्यंजन है। विश्वप्रसिद्ध देवगड़ हापूस (आम की एक किस्म) यहाँ उत्पन्न होती है। यदि गर्मी के मौसम के दौरान यहाँ की यात्रा की जाए तो इन व्‍यंजनों का स्वाद अवश्य लेना चाहिये।[1]

निवासी

गणपतिपुले के स्थानीय लोग गणपति देवता के कट्टर उपासक हैं। यहाँ के निवासी अत्यंत स्नेही और मेहमाननवाज हैं। वे मुखयतः मराठी में बातचीत करते हैं, हालांकि अंग्रेज़ी और हिन्दी में भी वे बातचीत अच्छे तरह से कर सकते हैं, क्योंकि ये जगह एक प्रमुख पर्यटन स्थल है।

मौसम

चूँकि गणपतिपुले अरब सागर के नजदीक स्थित है, इसीलिए यहाँ का मौसम वर्ष भर शानदार रहता है। हालाँकि गर्मी में थोड़ा गर्म रहता है और पर्यटक आमतौर पर इस मौसम के दौरान यात्रा करना पसन्द नहीं करते। यहाँ का क्षेत्र प्रचुर मात्रा में वर्षा होने से प्राकृतिक सुंदरता से भरा हुआ है। यहाँ सर्दियों के दिनों में शीतलता रहती है। जो लोग बारिश के शौकीन नहीं हैं, वे साल के इस समय के दौरान इस पवित्र स्थान की यात्रा कर सकते हैं।

कैसे पहुँचें

गणपतिपुले कि यात्रा पर जाना किसी भी व्यक्ति के लिए आसान है। रत्नागिरी हवाई अड्डा यहाँ का निकटतम हवाई अड्डा है। यहाँ का निकटतम रेलवे स्टेशन रत्नागिरि है, जहाँ से गणपतिपुले एक मिनी बस या ऑटो रिक्शा के द्वारा पहुँचा जा सकता है। परिवहन का सबसे अच्छा तरीका सड़क है।[1]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 गणपतिपुले (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 20 जनवरी, 2013।

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