"भैरव जी की आरती": अवतरणों में अंतर

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जय भैरव देवा, प्रभु जय भैंरव देवा |
जय भैरव देवा, प्रभु जय भैंरव देवा
जय काली और गौरा देवी कृत सेवा ||
जय काली और गौरा देवी कृत सेवा ।।
तुम्हीं पाप उद्धारक दु:ख सिंधु तारक |
तुम्हीं पाप उद्धारक दु:ख सिंधु तारक
भक्तों के सुख कारक भीषण वपु धारक ||
भक्तों के सुख कारक भीषण वपु धारक ।।
वाहन शवन विराजत कर त्रिशूल धारी |
वाहन शवन विराजत कर त्रिशूल धारी
महीमा अमित तुम्हारी जय जय भयकारी ||
महीमा अमित तुम्हारी जय जय भयकारी ।।
तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होंवे |
तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होंवे
चौमुख दीपक दर्शन दु:ख सगरे खोंवे ||
चौमुख दीपक दर्शन दु:ख सगरे खोंवे ।।
तेल चटकि दधि मिश्रित भाषावलि तेरी |
तेल चटकि दधि मिश्रित भाषावलि तेरी
कृपा करिये भैरव करिये नहीं देरी ||
कृपा करिये भैरव करिये नहीं देरी ।।
पांव घुंघरु बाजत अरु डमरु डमकावत ||
पांव घुंघरु बाजत अरु [[डमरु]] डमकावत ।।
बटुकनाथ बन बालक जन मन हरषावत ||
बटुकनाथ बन बालक जन मन हरषावत ।।
बथुकनाथ की आरती जो कोई नर गावें |
बथुकनाथ की आरती जो कोई नर गावें
कहें धरणीधर नर मनवाछिंत फल पावे ||
कहें धरणीधर नर मनवाछिंत फल पावे ।।
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12:16, 21 मार्च 2014 के समय का अवतरण

भैरव बाबा
Bhairo Baba

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैंरव देवा ।
जय काली और गौरा देवी कृत सेवा ।।
तुम्हीं पाप उद्धारक दु:ख सिंधु तारक ।
भक्तों के सुख कारक भीषण वपु धारक ।।
वाहन शवन विराजत कर त्रिशूल धारी ।
महीमा अमित तुम्हारी जय जय भयकारी ।।
तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होंवे ।
चौमुख दीपक दर्शन दु:ख सगरे खोंवे ।।
तेल चटकि दधि मिश्रित भाषावलि तेरी ।
कृपा करिये भैरव करिये नहीं देरी ।।
पांव घुंघरु बाजत अरु डमरु डमकावत ।।
बटुकनाथ बन बालक जन मन हरषावत ।।
बथुकनाथ की आरती जो कोई नर गावें ।
कहें धरणीधर नर मनवाछिंत फल पावे ।।

इन्हें भी देखें: भैरव चालीसा एवं आरती संग्रह


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