इंदिरा गाँधी परमाणु अनुसंधान केंद्र
भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
इंदिरा गाँधी परमाणु अनुसंधान केंद्र भारत के प्रमुख परमाणु अनुसंधान केन्द्रों में एक है। सन 1971 ई. में फास्ट ब्रीडर टेक्नोलॉजी के अनुसंधान और विकास के लिए चेन्नई के कालपक्कम में इसकी स्थापना की गई।
- इसका संक्षिप्त नाम आई जी सी ए (Indira Gandhi Centre for Atomic Research) है। आई जी सी ए आर ने फास्ट ब्रीडर रिएक्टर एफ बी टी आर को अभिकल्पित किया जो प्लूटोनियम और प्राकृतिक यूरेनियम मूलांश के साथ देशी मिश्रित ईंधन का इस्तेमाल करता है।
- इस अनुसंधान केंद्र ने देश का पहला न्यूट्रॉन रिएक्टर 'कामिनी' को भी विकसित किया।
- ध्रुव, अप्सरा और साइरस का इस्तेमाल रेडियो समस्थनिक (आइसोटोप) तैयार करने के साथ-साथ परमाणु प्रौद्योगिकियों व पदार्थों में शोध, मूल और व्यावहारिक शोध तथा प्रशिक्षण में किया जाता है।
- भारत विश्व का सातवाँ तथा प्रथम विकासशील देश है जिसके पास उत्कृष्ट फास्ट ब्रीडर प्रजनक प्रौद्योगिकी मौजूद है।[1]
|
|
|
|
|
टीका टिप्पणी और संदर्भ
- ↑ भारत में परमाणु ऊर्जा (हिन्दी) (पी.एच.पी) जागरण जोश। अभिगमन तिथि: 27 अक्टूबर, 2012।