गोवा की कृषि  

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गोवा के कृषि उत्पादों में मुख्य खाद्य फ़सल चावल है। इसके अतिरिक्त दालें, रागी और अन्य खाद्य फ़सलें भी उगाई जाती हैं। नारियल, काजू, सुपारी तथा गन्ने जैसी नकदी फ़सलों के साथ-साथ यहाँ अनन्नास, आम और केला भी होता है। राज्य में 1,424 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में घने वन हैं।[1] ये फ़सलें गोवा के जीवन व जीविका के लिए काफ़ी महत्त्वपूर्ण हैं। निचले पठार और पश्चिमी घाट के ढलान वनाच्छादित हैं। सागौन, बाँस और काजू महत्त्वपूर्ण आर्थिक उत्पाद हैं। यद्यपि इन्हें फिर से उगाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन लोह-अयस्क व मैंगनीज़ की खुली खदानें पर्यावरण के लिए गम्भीर ख़तरा पैदा करती हैं।
सिंचाई और बिजली

राज्य में 'सेलाउलिम' और 'अंजुनेम' जैसे बांधों और अन्य लघु सिंचाई परियोजनाओं के होने से सिंचित क्षेत्र बढ़ता जा रहा है। इन परियोजनाओं से अब तक कुल 43,000 हेक्टेयर की सिंचाई क्षमता उपलब्ध हो सकी है। गोवा तथा महाराष्‍ट्र की संयुक्‍त सिंचाई परियोजना तिलारी का उद्देश्‍य गोवा की 24618 हेक्‍टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध कराना है। राज्य के सभी गाँवों में बिजली पहुँचाई जा चुकी है और शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है।[1]

वन

गोवा राज्‍य के 34 प्रतिशत हिस्‍से पर वन हैं। यहाँ लगभग 30.18 लाख पौधे लगाए गए तथा 978.50 हेक्‍टेयर क्षेत्र पर पौधे लगाए गए।[1]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 गोवा (हिन्दी) भारत की आधिकारिक वेबसाइट। अभिगमन तिथि: 8 जनवरी, 2011

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