गंगावाक्यावली  

गंगावाक्यावली ग्रन्थ के रचनाकार भवसिंह, देवसिंह, शिवसिंह के सम्बद्ध मिथिला के राजा पद्मसिंह की रानी महादेवी विश्वासदेवी के आश्रय में विद्यापति हैं।

  • यह ग्रंथ गोविन्दानन्द एवं रघुनन्दन (प्रायश्चित्ततत्त्व में) द्वारा वर्णित है। यह ग्रंथ लगभग 1400 से 1450 ई. में है।
  • इसमें गंगा यात्रा, गंगा पूजा, गंगा स्नान के फल का वर्णन है।
  • भारत में धार्मिक ग्रन्थों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक ग्रन्थ है।


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