कोट्टायम  

कोट्टायम केरल का एक प्रसिद्ध शहर और नगर, जो अपनी कई विशेषताओं के कारण प्रसिद्ध है। इस स्थान को 'लैंड ऑफ़ लैटर्स', 'लेटेक्स' और 'झील' की उपाधियां दी जाती हैं। इसके पूर्व में ऊंचे पश्चिमी घाट और पश्चिम में वेम्बानद झील और कुट्टानाद में धान के खेत हैं, जो कोट्टायम की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं।

  • लगभग 2204 वर्ग कि.मी. के क्षेत्र में फैला यह शहर प्राकृतिक सुंदरता के शानदार नज़ारे पेश करता है।
  • कोट्टायम ही वह स्थान है, जहाँ मलयालम की पहली प्रिटिंग प्रेस लगाई गई थी। इस प्रिटिंग प्रेस की स्थापना एक ईसाई बैंजामिन बैली ने 1820 ई. में की थी।
  • यह प्रसिद्ध नगर केरल की सांस्कृतिक, सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों का सही रूप में चित्रण करता है।
  • कोट्टायम का महत्व द्वितीय चेर साम्राज्य के समय से बढ़ा। चेर साम्राज्य का इस जगह पर विशेष प्रभाव था। महाराजा मार्तण्ड वर्मा ने केरल के शासक के रूप में यहां गहरी छाप छोड़ी थी। अपने पूर्ववर्ती शासकों द्वारा स्थापित वेम्बोलीनाडु पर उसने विजय प्राप्त की थी।
  • यह नगर सड़कमार्ग से भली-भांति जुड़ा हुआ है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग- 220 पर पड़ता है और राज्‍य हाइवे नम्‍बर 1, 9, 11, 13, 14, 15 और 32 भी इससे होकर गुजरते हैं।
  • प्राइवेट सेक्‍टर की कई बसें भी कोट्टायम में चलती हैं। यह नगर केरल और आसपास के अन्‍य शहरों व राज्‍यों से अच्‍छी तरह जुड़ा हुआ है।


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