मुत्तन्गा  

मुत्तन्गा दक्षिण भारत का एक पर्यटन स्थल, जो उत्तरी केरल के वयनाड ज़िले में सुल्तान बाथरी से 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। केरल का यह स्थान जंगली हाथियों को देखने के लिए सबसे उपयुक्त है। मुत्तन्गा में हाथी स्वच्छन्द रूप से विचरण करते हैं। इसके साथ ही यहाँ बाघ तथा हिरण भी देखे जा सकते हैं।

  • मुत्तन्गा पड़ोस के कर्नाटक और तमिलनाडु राज्यों में फैले आरक्षित वन्य क्षेत्रों के नेटवर्क 'नगरहोल राष्ट्रीय उद्यान' और 'बान्दीपुर टाइगर रिजर्व' से संलग्न है।
  • लगभग 345 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ मुत्तन्गा का इलाका प्राणियों और वनस्पतियों के मामले में बहुत ही समृद्ध है और प्रोजेक्ट एलिफैंट के तहत आता है।
  • यहाँ हाथी स्वच्छंद विचरण करते हैं। पर्यटक कभी-कभी यहाँ बाघों के भी दर्शन कर सकते हैं।
  • केरल के इस ख़ास स्थान पर अनेक प्रजातियों के हिरण, बंदर, चिड़ियां भी पाए जाते हैं।
  • यहाँ के पेड़-पौधे विशिष्ट रूप से दक्षिण भारतीय आर्द्र पर्णपाती और पश्चिमी घाट के अर्ध-सदाबहार प्रकार के हैं।
  • सड़कमार्ग से मुत्तन्गा और फिर आगे की यात्रा में पर्यटक स्वतंत्र विचरते वन्य प्राणियों के दर्शन कर सकते हैं। वन विभाग द्वारा हाथी की सवारी का इंतजाम किया जाता है।
  • मुत्तन्गा आने का सर्वोत्तम समय जून से अक्टूबर का रहता है।
  • यहाँ पहुंचने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन कोझीकोड है, जो सुल्तान बाथरी से सड़क द्वारा 97 कि.मी. की दूरी पर है। निकटतम हवाई अड्डा कोझीकोड का 'कारीपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा', जो सुल्तान बाथरी से 120 कि.मी. दूर स्थित है।[1]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. मुत्तन्गा (हिन्दी) केरल पर्यटन। अभिगमन तिथि: 23 जून, 2014।

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