रेणुकागिरि  

रेणुकागिरि राजस्थान का ऐतिहासिक स्थान है। इसे 'रैनागिरि' नाम से भी जाना जाता है।

  • यह स्थान राजस्थान के अलवर-रिवाड़ी रेलपथ पर खैरथल स्टेशन से पांच मील दूर है।
  • कहा जाता है कि इस स्थान का संबंध परशुराम की माता रेणुका से है।
  • यहाँ 'बेनामी पंथ' के प्रवर्तक सीतलदास की समाधि भी है।[1]


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |संकलन: भारतकोश पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 800 |

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=रेणुकागिरि&oldid=514293" से लिया गया