राणकपुर  

राणकपुर अथवा 'राणपुर' राजस्थान में अरावली पर्वतमाला की घाटियों में स्थित वर्तमान 'रणकपुर' का प्राचीन नाम है। यह क़स्बा मारवाड़ में, सादड़ी से 6 मील दूर है।

  • यह स्थान दक्षिण की ओर अरावली पर्वतमाला से घिरा हुआ है।
  • यहाँ का प्रसिद्ध स्मारक ऋषभदेव का 'चौमुखा मंदिर'[1] है, जो शायद 15वीं शती में बना था।
  • इस स्थान से 1496 विक्रम संवत (1439 ई.) का धारणाक का एक अभिलेख मिला है।
  • किंवदंती है कि प्राचीन समय में नदिया के रहने वाले 'धन्ना' तथा 'रत्ना' नामक दो सहोदर भाइयों ने राणपुर के मंदिर का निर्माण करवाया था। यह मंदिर बहुत ऊंचा तथा भव्य है। इसमें 1444 स्तंभ हैं। कहा जाता है कि इसे बनवाने में 96 लाख रुपये खर्च हुए थे। इसका जीर्णाद्वार हाल ही में 10 लाख की लागत से हुआ था।[2]


इन्हें भी देखें: रणकपुर एवं राजस्थान का इतिहास


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. त्रैलाक्य दीपक प्रसाद
  2. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |संकलन: भारतकोश पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 785 |

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