महनसर  

महनसर झुंझुनू ज़िला, राजस्थान का एक क़स्बा है, जो जयपुर-चुरू रेलमार्ग पर स्थित है। अनुमानत: सन 1768 में ठाकुर नाहरसिंह द्वारा इसे बसाया गया था। महनसर विश्व मानचित्र पर अब अपनी एक अलग पहचान रखता है।

दर्शनीय स्थल

महनसर में पौदारों की सोने की दुकान पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण का केन्द्र होती हैं। इस दुकान के भित्ति चित्रों में श्रीराम और कृष्ण की लीलाओं का नयनप्रिय चित्रण किया गया है। यहाँ के भित्ति चित्रों पर स्वर्णिम पॉलिश होने के कारण ही यह दुकान सोने की दुकान कहलाती है। यहाँ पर रघुनाथ जी का मन्दिर, तोलाराम मसखरा का आकर्षक महफिल खाना तथा अन्य हवेलियाँ भी दर्शनीय हैं। महनसर अपनी ऐतिहासिक हवेलियों, क़िले, मन्दिरों, विश्व विख्यात सोने-चाँदी की दुकान एवं तोला राम जी के कमरे के लिए पुरी दुनिया में मशहुर है।[1]

जनसंख्या

हिन्दू और मुस्लिम मिश्रित आबादी वाले इस गाँव कि अनुमानित जनसंख्या 8,000 के लगभग है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार गाँव में लगभग 4,000 मतदाता हैं। गाँव का दर्जा होने पर भी महनसर अपने में एक पूरा क़स्बा है।

कैसे पहुँचें

झुंझुनू से 45 किलोमीटर दूर कस्बेनुमा महनसर में चुरू, झुंझुनू तथा सीकर ज़िले के रामगढ शेखावाटी से बस द्वारा भी पहुँचा जा सकता है।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. झुंझुनू का पर्यटन वैभव (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 26 दिसम्बर, 2012।

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