इतिहास सामान्य ज्ञान 210  

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1. ब्रिटेन की 'हाउस ऑफ़ लार्डस' ने किस अंग्रेज़ अधिकारी को "ब्रिटिश साम्राज्य का शेर" कहा था?

सर टॉमस स्मिथ
मि. राइस जनरल
मि. जस्टिस एस्किन
जनरल डायर
जनरल डायर
जलियाँवाला बाग़ हत्याकाण्ड के पश्चात् भारतीयों की व्यापक मांग को देखते हुए भारत ने अक्टूबर, 1919 में एक जाँच कमेटी नियुक्त की, जिसका अध्यक्ष एक स्काटिश जज, लॉर्ड हण्टर को बनाया गया। कमेटी ने जाँच के पश्चात् अपनी रिपोर्ट में जनरल डायर की कार्रवाई को अनुचित बताया। भारत सरकार ने उक्त रिपोर्ट को मंज़ूर करते हुए जनरल डायर की निंदा की और उसे इस्तीफ़ा देने के लिए विवश किया। लेकिन साम्राज्य मद में चूर अंग्रेज़ों में बहुत से जनरल डायर के प्रशंसक भी थे, जिन्होंने चंदा करके धन एकत्र किया और उससे जनरल डायर को पुरस्कृत किया। यहाँ पर यह भी उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन की 'हाउस ऑफ़ लार्डस' ने जनरल डायर को 'ब्रिटिश साम्राज्य का शेर' कहकर सम्बोधित किया।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-जनरल डायर

2. ‘इण्डिया इण्डिपेंडेंस लीग’ की स्थापना किसने की थी?

सुभाषचन्द्र बोस
सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
रासबिहारी बोस
महात्मा गाँधी
रासबिहारी बोस
'रासबिहारी बोस' प्रख्यात वकील और शिक्षाविद थे। वे एक प्रख्यात क्रांतिकारी तो थे ही, सर्वप्रथम 'आज़ाद हिन्द फ़ौज' के निर्माता भी वही थे। देश के जिन क्रांतिकारियों ने स्वतंत्रता-प्राप्ति तथा स्वतंत्र सरकार का संघटन करने के लिए प्रयत्न किया था, उनमें रासबिहारी बोस का नाम प्रमुख है। रासबिहारी बोस उन लोगों में से एक थे, जो देश से बाहर जाकर विदेशी राष्ट्रों की सहायता से अंग्रेज़ों के विरुद्ध वातावरण तैयार कर भारत की मुक्ति का रास्ता निकालने की सोचते रहते थे। रासबिहारी बोस भारत की विभिन्न राष्ट्रीय भाषाओं के अच्छे ज्ञाता थे। इसी कारण इन्हें को देश में क्रांतिकारी संघटन मजबूत करने में अभूतपूर्व सफलता मिली थी।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-रासबिहारी बोस

3. सिंधु घाटी सभ्यता के सम्बन्ध में निम्न में से कौन-सा कथन असत्य है?

ये लकड़ी के हल का प्रयोग करते थे।
सबसे पहले कपास पैदा करने का श्रेय सिन्धु निवासियों को है।
नहरों के द्वारा सिंचाई की जाती थी।
कोठार सिन्धु संस्कृति के महत्त्वपूर्ण अंग थे।

4. किस व्यक्ति ने गाँधीजी के 'नमक सत्याग्रह' की तुलना नेपोलियन की पेरिस यात्रा से की थी?

जवाहर लाल नेहरू
सुभाषचन्द्र बोस
एटली
लाला लाजपत राय
सुभाषचन्द्र बोस
भारत की स्वतंत्रता के लिए सुभाषचन्द्र बोस ने क़रीब-क़रीब पूरे यूरोप में अलख जगाया। सुभाषचन्द्र बोस प्रकृति से साधु, ईश्वर भक्त तथा तन-मन से देश प्रेमी थे। महात्मा गाँधी के 'नमक सत्याग्रह' को 'नेपोलियन की पेरिस यात्रा' की संज्ञा देने वाले सुभाषचन्द्र बोस का एक ऐसा व्यक्तित्व था, जिसका मार्ग कभी भी स्वार्थों ने नहीं रोका, जिसके पाँव लक्ष्य से पीछे नहीं हटे, जिसने जो भी स्वप्न देखे, उन्हें साधा और जिसमें सच्चाई के सामने खड़े होने की अद्भुत क्षमता थी। महात्मा गाँधी और सुभाषचन्द्र बोस के विचार भिन्न-भिन्न थे। लेकिन वे यह अच्छी तरह जानते थे कि महात्मा गाँधी और उनका मक़सद एक ही है, यानी देश की आज़ादी। वे यह भी जानते थे कि महात्मा गाँधी ही देश के 'राष्ट्रपिता' कहलाने के सचमुच हक़दार हैं।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-सुभाषचन्द्र बोस

5. 'वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट' को किस वायसराय ने समाप्त किया था?

लॉर्ड डलहौज़ी
लॉर्ड हार्डिंग
लॉर्ड कॉर्नवॉलिस
लॉर्ड रिपन
लॉर्ड रिपन
'लॉर्ड रिपन' का पूरा नाम 'जॉर्ज फ़्रेडरिक सैमुअल राबिन्सन' था। यह 1880 ई. में लॉर्ड लिटन प्रथम के बाद भारत के वायसराय बनकर आये थे। अपने से पहले आये सभी वायसरायों की तुलना में लॉर्ड रिपन अधिक उदार थे। अपने सुधार कार्यों के अन्तर्गत लॉर्ड रिपन ने सर्वप्रथम समाचार पत्रों की स्वतन्त्रता को बहाल करते हुए 1882 ई. में 'वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट' को समाप्त कर दिया। इनके सुधार कार्यों में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण कार्य था- 'स्थानीय स्वशासन' की शुरुआत। इसके अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय बोर्ड बनाये गये, ज़िले में ज़िला उप-विभाग, तहसील बोर्ड बनाने की योजना बनाई गई।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-लॉर्ड रिपन

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