इतिहास सामान्य ज्ञान 255  

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1. कुषाण काल के लिए निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सत्य है?

रजत मुद्राओं का अधिकाधिक प्रचलन
गान्धार मूर्तिकला शैली का विकसित होना
अमर सिंह का संरक्षण
कुषाण साम्राज्य का बंगाल तक विस्तार
गांधार मूर्तिकला
गांधार भारत के प्रमुख ऐतिहासिक नगरों में से एक था। यहाँ की स्थापत्य कला की अनेक कलाकृतियाँ भगवान बुद्ध के जीवन काल से जुड़ी हुई हैं अथवा बुद्ध की अन्य भावभंगिमाओं को लेकर बनायी गयी हैं। बुद्ध की मूर्तियों में अधिकांशत उन्हें हमेशा संन्यासी वस्त्रों में ही दिखायी गया है, जिनके बाल छोटे थे। बोधिसत्व अथवा बौद्ध सन्न्यासियों को शरीर के ऊपरी भाग में नि:वस्त्र दिखाया जाता रहा, जो लुंगी और आभूषण पहने रहते थे। उनके बाल लंबे दिखाये गये हैं। एशिया की सभी बौद्ध कलाओं में उक्त चीज़ें परिलक्षित होती है। भारतीय संदर्भ में गांधार की कला-शैली एक अलग रंग लिये हुए है।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-गान्धार मूर्तिकला शैली

2. किस हड़प्पा स्थल से सूती कपड़े का एक खंड प्राप्त हुआ था?

बनावली
पडरी
लोथल
मोहनजोदड़ो
बौद्ध स्तूप, मोहनजोदड़ो
मोहनजोदड़ो, जिसका अर्थ "मुर्दों का टीला" है, 2600 ई. पू. की एक सुव्यवस्थित नगरीय सभ्यता थी। इस सभ्यता के ध्वंसावशेष पाकिस्तान के सिन्ध प्रांत के 'लरकाना ज़िले' में सिंधु नदी के दाहिने किनारे पर प्राप्त हुए हैं। यह नगर क़रीब 5 कि.मी. के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहाँ पर कुषाण शासकों ने एक स्तूप का निर्माण करवाया था। मोहनजोदड़ो से प्राप्त अन्य अवशेषों में कुम्भकारों के भट्टों के अवशेष, सूती कपड़ा, हाथी का कपालखण्ड, गले हुए तांबे के ढेर, सीपी की बनी हुई पटरी एवं 'कांसे की नृत्यरत नारी की मूर्ति के अवशेष मिले हैं।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-मोहनजोदड़ो

3. मुग़ल स्थापत्य एक अच्छा मिश्रण था-

तुर्की और फ़ारसी कला का
तुर्की और अफ़ग़ान कला का
फ़ारसी और भारतीय कला का
तैमूरी और भारतीय कला का
फ़तेहपुर सीकरी, आगरा
सल्तनत काल में प्रचलित वास्तुकला की 'भारतीय इस्लामी शैली' का विकास मुग़ल काल में हुआ। मुग़लकालीन वास्तुकला में फ़ारस, तुर्की, मध्य एशिया, गुजरात, बंगाल, जौनपुर आदि स्थानों की शैलियों का अनोखा मिश्रण हुआ था। पर्सी ब्राउन ने 'मुग़ल काल' को 'भारतीय वास्तुकला का ग्रीष्म काल' माना है, जो प्रकाश और उर्वरा का प्रतीक माना जाता है। स्मिथ ने मुग़लकालीन वास्तुकला को "कला की रानी" कहा है। मुग़लों ने भव्य महलों, क़िलों, द्वारों, मस्जिदों, बावलियों आदि का निर्माण किया। उन्होंने बहते पानी तथा फ़व्वारों से सुसज्जित कई बाग़ लगवाये थे।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-मुग़लकालीन स्थापत्य एवं वास्तुकला

4. निम्नलिखित में से किसने 'आर्य महिला सभा' की स्थापना की थी?

राजकुमारी अमृत कौर
दुर्गाबाई देशमुख
नेलीसेन गुप्ता
पंडिता रमाबाई

5. मुग़ल बादशाह अकबर किस वाद्य को बजाने में पारंगत था?

वीणा
पखावज
नक्कारा
सितार
नक्कारा
नक्कारा या नगाड़ा प्राचीन समय से ही भारत का प्रमुख वाद्य यंत्र रहा है। इसे लोक उत्सवों के अवसर पर बजाया जाता है। होली के अवसर पर गाये जाने वाले गीतों में इसका विशेष प्रयोग होता है। नगाड़े में जोड़े अलग-अलग होते हैं, जिसमें एक की आवाज़ पतली तथा दूसरे की आवाज़ मोटी होती है। इसे बजाने के लिए लकड़ी की डंडियों से पीटकर ध्वनि निकाली जाती है। निचली सतह पर नगाड़ा पकी हुई मिट्टी का बना होता है। यह भारत का बहुत ही लोकप्रिय वाद्य है।ध्यान दें अधिक जानकारी के लिए देखें:-नक्कारा

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