इतिहास सामान्य ज्ञान 8  

सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी
राज्यों के सामान्य ज्ञान


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1. प्रसिद्ध विद्वान् अश्वघोष किसके शासनकाल में हुआ?

अशोक
हर्षवर्धन
कनिष्क
पुष्यमित्र शुंग
कनिष्क का सिक्का
'कनिष्क' के राज्यारोहण के समय कुषाण साम्राज्य में अफ़ग़ानिस्तान, सिंध का भाग, बैक्ट्रिया एवं पार्थिया के प्रदेश सम्मिलित थे। कनिष्क ने भारत में अपना राज्य मगध तक विस्तृत कर दिया था। वहाँ से वह प्रसिद्ध विद्वान् अश्वघोष को अपनी राजधानी पुरुषपुर ले आया। तिब्बत और चीन के कुछ लेखकों ने लिखा है कि उसका साकेत और पाटलिपुत्र के राजाओं से युद्ध हुआ था। कश्मीर को अपने राज्य में मिलाकर कनिष्क ने वहाँ एक नगर बसाया था, जिसे 'कनिष्कपुर' कहते हैं। शायद कनिष्क ने उज्जैन के क्षत्रप को भी हराया और मालवा का प्रान्त प्राप्त किया था।ध्यान देंअधिक जानकारी के देखें:-कनिष्क

2. कुषाण वंश के वृक्ष का पता चलता है-

राबाटक अभिलेख से
रोसेटा अभिलेख से
हाथी गुम्फा अभिलेख से
शोडाष अभिलेख से

3. 'मिलिन्द' किस हिन्दी-यूनानी राजा को कहा गया है?

मिरेकस
मिनांडर
डेमेट्रियस
महापद्मनंद
मिलिन्द का सिक्का
'मिलिन्द' पंजाब पर लगभग 160 ई. पू. से 140 ई. पू. तक राज्य करने वाले यवन राजाओं में सबसे उल्लेखनीय राजा था। इसे मिलिंद के अतिरिक्त अन्य नामों, जैसे- 'मनेन्दर', 'मीनेंडर' या 'मीनांडर' आदि से भी जाना जाता था। इसके विविध प्रकार के बहुत से सिक्के उत्तर भारत के विस्तृत क्षेत्रों में, यहाँ तक की यमुना नदी के दक्षिण में भी मिलते हैं। सम्भव है कि 'गार्गी संहिता' में जिस दुरात्मा वीर यवन राजा द्वारा प्रयाग पर अधिकार करके कुसुमपुर (अर्थात् पाटलिपुत्र) में भय उत्पन्न करने का उल्लेख है, वह मिलिन्द ही हो।ध्यान देंअधिक जानकारी के देखें:-मिलिंद (मिनांडर)

4. शेरशाह के बाद और अकबर से पहले दिल्ली पर राज करने वाले हिन्दू राजा का नाम क्या था?

पृथ्वीराज
हेमू
भोज
पुष्यमित्र
हेमचन्द्र विक्रमादित्य
'हेमू' भारत का अंतिम हिन्दू राजा था। "मध्यकालीन भारत का नेपोलियन" कहा जाने वाला हेमू अपनी असाधारण प्रतिभा के बल पर एक साधारण व्यापारी से प्रधानमंत्री एवं सेनाध्यक्ष की पदवी तक पहुँचा था। हुमायूँ की मृत्यु के बाद हेमू ने दिल्ली की तरफ़ रुख किया और रास्ते में बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश की कई रियासतों को फ़तेह किया। आगरा में मुग़ल सेनानायक इस्कंदर ख़ान उज़्बेग को जब पता चला कि हेमू उनकी तरफ़ आ रहा है तो वह बिना युद्ध किये ही मैदान छोड़ कर भाग गया। 7 अक्टूबर, 1556 ई. में हेमू ने तरदी बेग ख़ान को हराकर दिल्ली पर विजय हासिल की। यहीं हेमू का राज्याभिषेक हुआ और उसे 'विक्रमादित्य' की उपाधि से नवाजा गया। लगभग तीन शताब्दियों के मुस्लिम शासन के बाद पहली बार कोई हिन्दू दिल्ली का राजा बना था।ध्यान देंअधिक जानकारी के देखें:-हेमू

5. 'आर्य' शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है?

वीर या योद्धा
श्रेष्ठ या कुलीन
यज्ञकर्ता या पुरोहित
विद्धान
'आर्य' प्रजाति की आदि भूमि के संबंध में अभी तक विद्वानों में बहुत मतभेद हैं। भाषा वैज्ञानिक अध्ययन के प्रारंभ में प्राय: भाषा और प्रजाति को अभिन्न मानकर एकोद्भव (मोनोजेनिक) सिद्धांत का प्रतिपादन हुआ और माना गया कि भारोपीय भाषाओं के बोलने वालों के पूर्वज कहीं एक ही स्थान में रहते थे और वहीं से विभिन्न देशों में गए। संस्कृत भाषा के शब्द 'आर्य' का अर्थ होता था- 'कुलीन और सभ्य'। इसलिये पुराने इतिहासकारों, जैसे मैक्समूलर ने आदिम और आधुनिक हिन्द-यूरोपीय भाषा बोलने वाली जातियों का नाम "आर्य" रख दिया। ये नाम यूरोपीय लोगों को काफ़ी पसन्द आया और जल्द ही सभी यूरोप वासियों ने अपने-अपने देशों को प्रचीन आर्यों की जन्मभूमि बताना शुरू कर दिया।ध्यान देंअधिक जानकारी के देखें:-आर्य

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