तैत्तिरीयोपनिषद शिक्षावल्ली अनुवाक-1  

  • इस अनुवाक में मित्र, वरुण, अर्यमा (सूर्य), इन्द्र, बृहस्पति, विष्णु, वायु और ब्रह्मदेव को नमन करके उनसे त्रिविध तापों- अध्यात्मिक, अधिदैविक और अधिभौतिक शान्ति- की रक्षा करने की प्रार्थना की गयी है।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध



टीका टिप्पणी और संदर्भ

बाहरी कड़ियाँ

संबंधित लेख

तैत्तिरीयोपनिषद ब्रह्मानन्दवल्ली

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः