धुले  

धुले शहर पश्चिमोत्तर महाराष्ट्र राज्य, पश्चिमी भारत , प्रमुख रेल एवं सड़क मार्गों पर स्थित है। धुले को पहले धुलिया कहा जाता था।

इतिहास

प्रारंभिक मुस्लिम काल में यह फारुक़ियों के नियंत्रण में था, लेकिन बाद में 1601 में यह मुग़ल साम्राज्य का हिस्सा बन गया। 18वीं सदी में मराठों ने इसे जीता और 1818 में यह अंग्रेज़ो को सत्तांतरित होकर बंबई ( वर्तमान मुंबई ) प्रेज़िडेंसी में शामिल हुआ।

कृषि और खनिज

यहाँ महत्त्वपूर्ण फ़सलें ज्वार, बाजरा, गेहूँ, मूँगफली, काली मिर्च और दालें हैं। अधिकतर कृषि उत्पाद मुंबई भेजा जाता है।

उद्योग और व्यापार

धुले पहले एक कृषि व्यापार केंद्र रहा और अब एक विकासशील औद्योगिक केंद्र बन गया है। यहाँ एक सूति-कपड़ा मिल तथा कपास ओटाई, बीड़ी उत्पादन और तेल पेराई जैसे कई छोटे उद्योग हैं।

शिक्षण संस्थान

यह कई महाविद्यालयों (पुणे विश्वविद्यालय से संबद्ध) वाला शैक्षिक केंद्र है। शहर में एक चिकित्सा महाविद्यालय तथा सरकारी पॉलीटेक्निक, डी.एन. पटेल कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग, नवलनगर कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग और एस.ई.एस. कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग सहित कई इंजीनियरिंग कॉलेज हैं।

पर्वत शृंखलाएं

धुले के आसपास दो मुख्य पर्वत शृंखलाएं हैं, सतपुड़ा (उत्तर) एवं सतमाला (दक्षिण), जो पश्चिमी घाट की प्रशाखाएं तथा आदिवासियों का निवास है। इनके बीच ताप्ती नदी उपजाऊ घाटी से बहती है, जो कपास-उत्पादक ख़ानदेश क्षेत्र का हिस्सा है।

जनसंख्या

2001 की जनगणना के अनुसार धुले शहर की कुल जनसंख्या 3,41,473 है; और धुले ज़िले की कुल जनसंख्या 17,08,993 है।


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