सोमतीर्थ मथुरा  

सोमतीर्थं तु वसुधे! पवित्रे यमुनाम्भसि।

तत्रभिषेकं कुर्वीत सर्वकर्मप्रतिष्ठित: ।
मोदते सोमलोके तु इदमेव न संशय:।।

[1]

सोमतीर्थ का दूसरा नाम गौ घाट है । यहाँ यमुना के पवित्र जल से अभिषेक करने पर सारे मनोरथ सिद्ध हो जाते हैं ।

टीका-टिपण्णी

  1. आदि वाराह पुराण

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