इंद्र पर्वत

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'वैदेहस्यस्तु कौन्तेय इन्द्रपर्वतमन्तिकात्,
किरातानामधिपतीनजयत् सप्त पांडव:।'[1]

  • इन्द्र पर्वत के समीप सात किरात-नरेशों को भीम ने अपनी दिग्विजय यात्रा में विजित किया था।
  • इन्द्र पर्वत संभवत: नेपाल का वह पहाड़ी भाग था जो गंडकी और कोसी नदियों के बीच में स्थित है।
  • इन्द्र पर्वत के प्रदेश की विजय भीम ने विदेह[2] में ठहर कर की थी जिससे इन दोनों देशों का प्रातिवेश्य सूचित होता है।

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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  • ऐतिहासिक स्थानावली | पृष्ठ संख्या= 74| विजयेन्द्र कुमार माथुर | वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग | मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार


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