गोमान  

गोमान महाभारत प्रसिद्ध रैवतक पर्वत का ही एक अन्य नाम है। इसी पर्वत के क्रोड में भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका बसी हुई थी।[1]

  • मगध के राजा जरासंध के आक्रमण से बचने के लिए श्रीकृष्ण मथुरा से द्वारका चले आए थे। उन्होंने रैवतक पर्वत पर ही अपनी नई नगरी को बसाया था।
  • रैवतक पर्वत का ही एक दूसरा नाम 'गोमान' था।
'एवं वयं जरासंधादभित: कृतकिल्विषा: सामर्थ्यवन्त: संवंघाद्गोमंतं समुपाश्रित।'[2]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |पृष्ठ संख्या: 303 |
  2. महाभारत, सभापर्व 14, 53.

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