शोणभद्र  

शोणभद्र शोण नदी का उद्गम स्थान। 'हर्षचरित' के उच्छ्वास-1 में बाण ने शोण के उद्गम स्थल को चंद्र पर्वत कहा है।[1]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |संकलन: भारतकोश पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 912 |

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