"वीर भद्रेश्वर मन्दिर मथुरा": अवतरणों में अंतर

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[[मथुरा]] के चौबच्चा पाड़ा में स्थित शैव देवालय जो [[औरंगजेब]] के काल में ध्वस्त हो गया उसे बनारस के राजा पटनीमल्ल ने नवीन रूप प्रदान कर संवत 1965 की वैशाख शुक्ल 13 को श्रृद्धालुओं के लिए समर्पित किया । मन्दिर के ऊपर इसका शिलालेख भी लगा है ।
[[मथुरा]] के चौबच्चा पाड़ा में स्थित शैव देवालय जो [[औरंगजेब]] के काल में ध्वस्त हो गया उसे बनारस के राजा पटनीमल्ल ने नवीन रूप प्रदान कर संवत 1965 की वैशाख शुक्ल 13 को श्रृद्धालुओं के लिए समर्पित किया । मन्दिर के ऊपर इसका शिलालेख भी लगा है ।
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मथुरा के चौबच्चा पाड़ा में स्थित शैव देवालय जो औरंगजेब के काल में ध्वस्त हो गया उसे बनारस के राजा पटनीमल्ल ने नवीन रूप प्रदान कर संवत 1965 की वैशाख शुक्ल 13 को श्रृद्धालुओं के लिए समर्पित किया । मन्दिर के ऊपर इसका शिलालेख भी लगा है ।

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