अल-नास  

अल-नास इस्लाम धर्म के पवित्र ग्रंथ क़ुरआन का 114वाँ एवं आख़िरी सूरा (अध्याय) है जिसमें 6 आयतें होती हैं।
114:1- (ऐ रसूल) तुम कह दो मैं लोगों के परवरदिगार।
114:2- लोगों के बादशाह।
114:3- लोगों के माबूद की (शैतानी)।
114:4- वसवसे की बुराई से पनाह माँगता हूँ।
114:5- जो (ख़ुदा के नाम से) पीछे हट जाता है जो लोगों के दिलों में वसवसे डाला करता है।
114:6- जिन्नात में से ख्वाह आदमियों में से।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=अल-नास&oldid=514351" से लिया गया