समावयवता  

(अंग्रेज़ी:Isomerism) कुछ यौगिक ऐसे हैं जिनके अणु सूत्र तो समान होते हैं परन्तु संरचनात्मक सूत्र भिन्न-भिन्न होते हैं, समावयवी कहलाते हैं। संरचनात्मक सूत्रों में भिन्नता के कारण ऐसे यौगिकों के गुण को अपररूपता कहते हैं। उदाहरणार्थ, एथिल-एल्कोहल व डाइमेथिल ईधन एक दूसरे के समावयवी हैं।


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