वजिरा  

वजिरा नामक एक प्राचीन स्थान का उल्लेख बौद्ध ग्रंथ 'दीपवंश' में हुआ है।

  • लंका के प्राचीन बौद्ध इतिहास ग्रंथ 'दीपवंश'[1] में दी हुई वंशावलि में 'वजिरा' का अन्तिम राजा साधीन कहा गया है।
  • वजिरा संभवतः वृज्जि या वज्जि का ही रूपांतर है, जिसकी स्थिति बिहार, भारत में थी।[2]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. दीपवंश 3, 14
  2. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |संकलन: भारतकोश पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 828 |

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