अलेक्जैंडर  

अलेक्जैंडर अफ्रोडिसियस की तीसरी ई. शताब्दी में उदित यूनानी दार्शनिक जिसने अरस्तू के सिद्धांतों की अधिकांशत: वैयक्तिक व्याख्याएँ प्रस्तुत की। इसने आत्मा की नित्यता को अस्वीकार किया था।[1]





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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हिन्दी विश्वकोश, खण्ड 1 |प्रकाशक: नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 259 |

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