आर्केलाउस दार्शनिक  

Disamb2.jpg आर्केलाउस एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- आर्केलाउस (बहुविकल्पी)

आर्केलाउस सुकरात के पूर्ववर्ती यूनानी दार्शनिक। इनका समय ई. पू. पाँचवीं शताब्दी है। इनके जन्मस्थान के संबंध में मतभेद है। कोई इनको मिलेतस्‌ का निवासी मानते हैं, कोई एथेंस का। यह अनाक्सागोरस के शिष्य तथा सुकरात के गुरु माने जाते हैं। इनके मत में आद्यमिश्रण से शीत और उष्ण की उत्पत्ति हुई और शीत तथा उष्ण से समस्त प्रजनन और विकास की प्रक्रिया उच्च हुई। पवन भी इनके मत में अत्यंतमहत्वपूर्ण तत्व है। ये जीवों की उत्पत्ति कीचड़ से मानते थे।[1] आर्केलाउस दार्शनिक चिंतन को इयोनिया से एथेंस ले आए। ये अंतिम प्रकृति वादी थे; सुकरात के साथ आचारवादी दर्शन का श्रीगणेश हुआ।[2]


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हिन्दी विश्वकोश, खण्ड 1 |प्रकाशक: नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 429 | -
  2. भोलानाथ शंकर

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=आर्केलाउस_दार्शनिक&oldid=631092" से लिया गया