ऐलधान  

ऐलधान का वाल्मीकि रामायण में उल्लेख भरत की केकय देश से अयोध्या की यात्रा के प्रसंग में है-

'एलधाने नदीं तीर्त्वा प्राप्य चापरपर्वतान् शिलामाकुर्वंतीं तीर्त्वाअग्नेयं शल्यकर्षणम्'।[1]


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. अयोध्या.-71,3
  2. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 115 |

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=ऐलधान&oldid=628216" से लिया गया