पंचाप्सरस  

पंचाप्सरस दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य में स्थित हिंदुओं का तीर्थ स्थल है। कुन्दापुर से बस द्वारा गंगोली बाज़ार आना चाहिए। गंगोली का अर्थ गंगावली- कई नदियों का संगम है। यह पुराण प्रसिद्ध पंचाप्सरस तीर्थ है; किंतु अब लुप्त प्राय है। केवल पास के लोग श्राद्ध करने यहाँ आते हैं। यहाँ कोई मंदिर नहीं है[1]

पंचाप्सरस का उल्लेख मंडकर्णि (या मंदकर्णि) मुनि के आश्रम के रूप में वाल्मीकि ने किया है-

'तत: कर्तुतपोविघ्नं सर्वदवैर्नियोजित: प्रधानाप्सरस: पंचविद्युच्यलितवर्चस:, इदं पंचाप्सरो नाम तड़ागं सार्वकालिक निर्मितंतपसा तेन मुनिना मंदिकर्णिना'।
'एतन् मुने मानिनिशातकर्णि पंचाप्सरो नाम विहारिवारि, आभाति पर्यंतनं विदुरान्मेघांतरालक्ष्य मिवेंदुबिंबम्'।
  • स्थानीय किंवदंती के अनुसार मैसूर राज्य में स्थित गंगावती या गंगोली का अभिज्ञान पंचाप्सरस से किया जाता है।
  • पंचाप्सरस पाँच नदियों का संगम स्थल है।


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ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |पृष्ठ संख्या: 516 |

  1. हिन्दूओं के तीर्थ स्थान |लेखक: सुदर्शन सिंह 'चक्र' |पृष्ठ संख्या: 174 |
  2. रघुवंश 13, 38

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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