छान्दोग्य उपनिषद अध्याय-1  

छान्दोग्य उपनिषद अध्याय-1
छान्दोग्य उपनिषद का आवरण पृष्ठ
विवरण 'छान्दोग्य उपनिषद' प्राचीनतम दस उपनिषदों में नवम एवं सबसे बृहदाकार है। नाम के अनुसार इस उपनिषद का आधार छन्द है।
अध्याय प्रथम
कुल खण्ड 13 (तेरह)
सम्बंधित वेद सामवेद
संबंधित लेख उपनिषद, वेद, वेदांग, वैदिक काल, संस्कृत साहित्य
अन्य जानकारी सामवेद की तलवकार शाखा में छान्दोग्य उपनिषद को मान्यता प्राप्त है। इसमें दस अध्याय हैं। इसके अन्तिम आठ अध्याय ही छान्दोग्य उपनिषद में लिये गये हैं।

छान्दोग्य उपनिषद के इस अध्याय में 'साम' के सार रूप 'ॐकार' की व्याख्या की गयी है तथा 'ॐकार' की अध्यात्मिक, आधिदैविक उपासनाओं को समझाते हुए विभिन्न स्वरूपों को स्पष्ट किया है।

खण्ड

छान्दोग्य उपनिषद के अध्याय एक में कुल तेरह खण्ड हैं-

  1. पहला खण्ड
  2. दूसरा खण्ड
  3. तीसरा खण्ड
  4. चौथा खण्ड
  5. पांचवाँ खण्ड
  6. छठा खण्ड
  7. सातवाँ खण्ड
  8. आठवाँ खण्ड
  9. नौवाँ खण्ड
  10. दसवाँ खण्ड
  11. ग्यारहवाँ खण्ड
  12. बारहवाँ खण्ड
  13. तेरहवाँ खण्ड


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

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छान्दोग्य उपनिषद अध्याय-1

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