ज़हर-ए-ग़म कर चुका था मेरा काम -ग़ालिब  

ज़हर-ए-ग़म कर चुका था मेरा काम -ग़ालिब
मिर्ज़ा असदउल्ला बेग़ ख़ान 'ग़ालिब'
कवि मिर्ज़ा ग़ालिब
जन्म 27 दिसम्बर 1797
जन्म स्थान आगरा, उत्तर प्रदेश
मृत्यु 15 फ़रवरी, 1869, दिल्ली
मुख्य रचनाएँ 'दीवान-ए-ग़ालिब', 'उर्दू-ए-हिन्दी', 'उर्दू-ए-मुअल्ला', 'नाम-ए-ग़ालिब', 'लतायफे गैबी', 'दुवपशे कावेयानी' आदि।
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची
ग़ालिब की रचनाएँ
  • ज़हर-ए-ग़म कर चुका था मेरा काम -ग़ालिब

न होगा यक बयाबाँ माँदगी से ज़ौक़ कम मेरा
हुबाब-ए-मौज-ए-रफ़्तार है, नक़्श-ए-क़दम मेरा

मुहब्बत थी चमन से, लेकिन अब ये बेदिमाग़ी है
के मौज-ए-बू-ए-गुल से नाक में आता है दम मेरा


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