शिवसिंह सेंगर  

शिवसिंह सेंगर (जन्म- 1833, उन्नाव, उत्तर प्रदेश; मृत्यु- 1878) पेशे से एक पुलिस इंस्पेक्टर थे। संस्कृत, फ़ारसी और हिंदी कविता के अध्ययन में गहरी रुचि होने के साथ-साथ वे एक अच्छे कवि भी थे।

परिचय

शिवसिंह सेंगर का जन्म 1833 ई. में उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के कांथा नामक गांव में एक ज़मींदार परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम रणजीत सिंह था। शिवसिंह सेंगर पेशे से पुलिस इंस्पेक्टर थे, फिर भी संस्कृत, फ़ारसी और हिंदी कविता के अध्ययन में उनकी गहरी रुचि थी और वे स्वयं भी कवि थे। उन्होंने 'ब्रह्मोत्तर खंड' और 'शिव पुराण' का हिंदी में अनुवाद किया।[1]

ख्याति

सेंगर जी की सबसे अधिक ख्याति 'शिवसिंह सरोज' नामक संग्रह ग्रंथ की रचना के कारण है। इस ग्रंथ में हिंदी के लगभग एक हजार साल के कवियों के जीवन और काव्य का संक्षिप्त परिचय दिया गया है। ग्रंथ का प्रकाशन समय 1877 से 1883 ई. के बीच माना जाता है। एक अलग तरह की प्रथम रचना होने के कारण इसमें कवियों के जीवन काल आदि की कुछ विसंगतियां बताई जाती हैं। 'शिवसिंह सरोज' हिंदी कविता के इतिहास के लिए आज भी संदर्भ ग्रंथ माना जाता है।

मृत्यु

शिव सिंह सेंगर का 1878 ई. में निधन हो गया।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. भारतीय चरित कोश |लेखक: लीलाधर शर्मा 'पर्वतीय' |प्रकाशक: शिक्षा भारती, मदरसा रोड, कश्मीरी गेट, दिल्ली |पृष्ठ संख्या: 848 |

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