कोर्पारिक  

कोर्पारिक प्राचीन भारत में गुप्त कालीन एक ग्राम था। 163 गुप्त संवत (482 ई.) के गुप्त कालीन दानपट्ट-लेख में, जो 'खोह' नामक स्थान, नागदा (मध्य प्रदेश) से प्राप्त हुआ था, उसमें कोर्पारिक नामक ग्राम का कुछ ब्राह्मणों को दान में दिए जाने का उल्लेख है। यह ग्राम खोह के निकट ही रहा होगा।[1]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |पृष्ठ संख्या: 237 |

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